लुधियाना में शिव सैनिक बनकर हंगामा: गली में गेट विवाद पर पत्रकारों को धमकी!

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लुधियाना, पंजाब में आज शिवसेना समर्थकों द्वारा उत्पात मचाने की एक घटना प्रकाश में आई है। यह घटनाक्रम जागीरपुर रोड पर स्थित सतसाहिब कॉलोनी की गली नंबर 2 में घटित हुआ। यहां एक फैक्ट्री के मालिक द्वारा जबरन गेट को हटाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका स्थानीय निवासियों ने जोरदार विरोध किया। गली के लोग अपने हक की रक्षा के लिए पत्रकारों को बुलाने का निर्णय लेते हैं ताकि वे अपनी बात रखने का एक मंच पा सकें। जब पत्रकारों ने फैक्ट्री मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया, तो उसका सहयोगी, रोहन, जो स्वयं को शिवसेना का नेता बताता है, ने पत्रकारों के साथ अभद्रता प्रारंभ कर दी।

रोहन ने न केवल पत्रकारों के साथ बदसलूकी की, बल्कि उनसे जबरदस्ती वीडियो भी बनवाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने की धमकी दी। इस अवांछनीय स्थिति को देखते हुए पत्रकारों ने तुरंत टिब्बा थाने की पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद कांस्टेबल गुरजंट सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जब पुलिस ने रोहन और उसके साथियों से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि वे शाम पांच बजे थाने में हाजिर होंगे। टिब्बा पुलिस थाने के एसएचओ भगतवीर सिंह ने बताया कि वीडियो बनाने और हंगामा करने वाले युवकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और यह मामला पुलिस के संज्ञान में है।

वहीं, सहसाहिब कॉलोनी के निवासी वेदपाल ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि उनकी कॉलोनी लगभग चार साल पुरानी है और गली में एक घर में अवैध रूप से फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। वेदपाल का कहना है कि फैक्ट्री मालिक गली में से गेट हटा रहा है जिसके कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, फैक्ट्री मालिक ने उनके घरों की ओर सीसीटीवी कैमरा भी लगाया है, जिससे उनकी प्राइवेसी में भी खलल पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले से ही थाना पुलिस के ध्यान में है और आज पत्रकारों को अपने मुद्दों को दर्शाने के लिए बुलाया गया था।

इस घटनाक्रम में स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और उद्योग मालिक का यह कृत्य गलत है। दूसरी ओर, फैक्ट्री मालिक ने अपने बचाव में कहा कि उसका गेट पांच साल पहले स्थापित किया गया था और उसे लगातार जबरन बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। यह मामला अब एक बड़ी समस्या का रूप लेता जा रहा है, जिसमें स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और कानूनी अधिकार का मुद्दा उठता है। स्थानीय नेताओं और पुलिस को इस घटना पर शीघ्र कार्रवाई करनी होगी, ताकि ऐसे वाद-विवादों का समाधान हो सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।