लुधियाना के पूर्व विधायक और अकाली दल के प्रमुख नेता दर्शन सिंह शिवालिक के पुत्र हरप्रीत सिंह शिवालिक का दिल्ली स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार, हरप्रीत लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अचानक निधन ने न केवल परिवार में गहरा शोक लाया है, बल्कि अकाली दल के समर्थकों में भी शोक की लहर फैल गई है।
हरप्रीत शिवालिक एक सक्रिय राजनीतिक व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने पिता दर्शन सिंह शिवालिक के साथ मिलकर राजनीति में कदम रखा था। वह अकाली दल की युवा गतिविधियों में भी नियमित रूप से भाग लेते थे और पार्टी की नीति निर्माण में अपनी राय और योगदान देते थे। उनके निधन के मामले में उनके परिवार और पार्टी के सदस्यों का गहरा दुख स्पष्ट है। परिवार में मातम का साया है, और उनके दोस्तों, समर्थकों के बीच भी इस खबर ने गहरी उदासी छा दी है।
हरप्रीत का पार्थिव शरीर आज लुधियाना के बरेवाल रोड स्थित उनके निवास पर लाया जाएगा, जहां शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। परिवार और समर्थक उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कल संपन्न होगी। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया जैसे वरिष्ठ नेता भी उपस्थित होने की संभावना है, जो उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इस दुखद घटना ने लुधियाना के राजनीतिक माहौल में भी गहरा असर डाला है। हरप्रीत की अच्छी छवि और उनके द्वारा की गई सेवाओं को याद किया जा रहा है। उनके जाने से खाली हुआ स्थान आसानी से भरा नहीं जा सकेगा। इसीलिए, अकाली दल के समर्थकों ने उनके साथ बिताए लम्हों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला किया है। हरप्रीत का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ा नुकसान है।
उनकी जीवनी और राजनीतिक करियर अब उनके समर्थकों द्वारा आगे बढ़ाए जाएंगे, जो उनके कार्यों और सिद्धांतों को अमल में लाने का संकल्प लेंगे। यह एक ऐसा अध्याय है जो उनके लिए, उनकी पारिवारिक विरासत के लिए और पार्टी के लिए चुनावी सलाह और नेतृत्व के महत्व को उजागर करता है। हरप्रीत की कमी का अहसास लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहेगा।