ED की लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट पर नजर: प्लॉट अलॉटमेंट की जांच शुरू!

Share

लुधियाना के इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पत्र भेजा गया है, जिससे LDP योजना के तहत अलॉट किए गए प्लॉटों के मामले में नए विवाद पैदा हो गए हैं। इस पत्र के माध्यम से ED ने रमन बाला सुब्रमण्यम के कार्यकाल के दौरान हुए प्लॉट आवंटन और बीआरएस नगर में बनाए गए मकानों की रजिस्ट्री से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी का विवरण मांगा है। जालंधर स्थित ED कार्यालय ने अधिकारियों से अगले सप्ताह तक यह सारा रिकॉर्ड भेजने के लिए कहा है। कुल मिलाकर, ED ने इस मामले में छह बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो पहले से ही इस मामले पर जांच कर रहा था, लेकिन अब ED ने भी गतिविधियों को तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत, ED ने इस मामले में वांछित स्टाफ के बयान भी दर्ज करना शुरू कर दिया है। पत्र में दिए गए छह बिंदुओं में, ED ने स्पष्ट तौर पर रमन बाला सुब्रमण्यम के कार्यकाल के दौरान किए गए प्लॉट आवंटन की विस्तृत जानकारी देने के लिए कहा है। इसके साथ ही, 5 दिसंबर 2019 को हुई नीलामी की तारीख में एक दिन की बढ़ोतरी का कारण भी समझाने के लिए कहा गया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि रमन बाला सुब्रमण्यम उस समय कांग्रेस सरकार के अधीन ट्रस्ट के चेयरमैन थे। ED के पत्र में विशेष रूप से ऋषि नगर और सराभा नगर के कुछ प्लॉटों की जानकारी मांगी गई है। ऋषि नगर के 102-डी, 103-डी, 104-डी, 105-डी प्लॉटों की जानकारी एक अलग बिंदु पर मांगी गई है, जबकि सराभा नगर के 366-बी और 140 के प्लॉटों के बारे में भी जानकारी چاہتے हुए उन्हें विशेष रूप से अंकित किया गया है। इन प्लॉटों की नीलामी प्रक्रिया और खरीददारों के बारे में भी विवरण प्रदान किया जाने की अपेक्षा है।

इसी प्रकार, SBS नगर के प्लॉट नंबर 9-बी के आवंटन की भी जानकारी मांगी गई है। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के वर्तमान चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ED द्वारा भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि ED द्वारा मांगी गई सभी जानकारी समय पर उपलब्ध करवाई जा रही है।

इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच का संकेत मिल रहा है, जो निश्चित तौर पर लुधियाना के इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों की गतिविधियों पर प्रकाश डालने में मदद करेगा। ED की इस कार्रवाई से संबंधित प्रकरण को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल भी गर्म हो गया है।