लुधियाना में महिला ड्राइवर की लापरवाही: रिवर्स कार से बच्चा घायल, सिर पर 13 टांके!

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पंजाब के लुधियाना में एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर दिया है, जहां एक महिला कार चालक ने खेल रहे एक छोटे बच्चे को कुचल दिया। यह घटना बीती रात उस समय हुई जब महिला अपनी कार को पीछे की ओर हटा रही थी। कार के रिवर्स करते समय बच्चा अचानक उसके नीचे आ गया। घायल बच्चे को खून से लथपथ हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसके सिर पर करीब 13 टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों द्वारा उसकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सिर का सीटी स्कैन भी कराया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।

घटना की जानकारी अनुसार, जब एक युवक ने महिला को चिल्लाते हुए रोका, तब उसने अपनी गाड़ी को रोका लेकिन उसके बाद वह वहाँ से बिना रुके भाग निकली। इस घटना के बाद परिजनों ने बच्चे को नजदीकी अस्पताल में पहुँचाया, जहाँ से उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल भेजा गया। पीड़ित बच्चे की उम्र ढाई साल है और उसका नाम आयुष है। उसके माता-पिता ने बताया कि आयुष तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा है और वह घर के बाहर अपने भाई-बहनों के साथ खेल रहा था।

उसकी माँ, पूनम ने बताया कि जब महिला ने अपनी कार को बैक कर रही थी, तब यह दुखद घटना घटित हुई। घायल आयुष के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए अत्यंत दुःखद है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो उसे पीजीआई अस्पताल भेजा जाएगा। इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को व्यथित कर दिया है।

पीड़ित परिवार ने चौकी भगत सिंह नगर में पुलिस से इस मामले की शिकायत की है, और पुलिस मामले की जांच करने में जुट गई है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता का माहौल है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब बच्चों के साथ ऐसी दुर्घताएँ हुई हैं। अब सभी की नजरें इस मामले पर हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई हो सके और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

जिस तरह से यह घटना हुई, उससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क पर सावधानी का कितना अधिक महत्व है। सभी वाहन चालकों से अपील की जाती है कि वे हमेशा सावधानी बरतें, विशेषकर जब वे ऐसे क्षेत्रों में यात्रा कर रहे हों जहाँ बच्चे खेलते हैं। ऐसे में केवल गाड़ी की गति को नियंत्रित करना ही नहीं, बल्कि आस-पास के परिवेश पर भी ध्यान देना आवश्यक है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सावधानी और जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक भावना है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।