गुरदासपुर के गांव बब्बेहाली में हाल ही में हुए एक असामान्य घटना के कारण चुनावी प्रक्रिया को रोकना पड़ा। यहां के वार्ड नंबर 8 के बूथ नंबर 82 पर पंच पद के उम्मीदवारों के नाम के आगे गलत चुनाव चिन्ह लगाए गए थे, जिससे मतदाता और उम्मीदवार दोनों में नाराजगी देखी गई। इस गलती ने न केवल चुनाव अधिकारियों की कमी को उजागर किया है, बल्कि इसे लेकर मतदाताओं का गुस्सा भी बढ़ गया है।
पोलिंग एजेंट बलविंदर सिंह ने बताया कि संबंधित स्थान पर पंच पद के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित चुनाव चिन्ह में गड़बड़ी थी, जिससे मतदान प्रक्रिया को रोकने का निर्णय लेना पड़ा। वर्तमान में, पीठासीन अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के बारे में आवश्यक निर्णय लेंगे। इस गड़बड़ी के कारण वोट डालने आए लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, सरबजीत सिंह, जिनकी पत्नी परमजीत कौर पंच पद के लिए उम्मीदवार हैं, उन्होंने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनके अनुसार, भले ही उनके नाम के आगे चुनाव चिन्ह सही हो, लेकिन अन्य उम्मीदवारों की पहचान के लिए जो गड़बड़ हुई है, उसके कारण मतदान में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति ने निश्चित रूप से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया है और यह समस्या समाधान का इंतजार कर रही है।
वोट देने आई लाइन में खड़ी वोटरों की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। कई मतदाता एक घंटे से अधिक समय से लाइन में खड़े हैं, और चुनाव अधिकारियों की गलतियों के कारण उन्हें योजनाबद्ध तरीके से मतदान करने में कठिनाई हो रही है। वे लोग अब इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि जिला प्रशासन इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाए ताकि उनकी वोट डालने की प्रक्रिया सुचारू हो सके। उनका कहना था कि इस प्रकार की लापरवाही को पहले ही पहचान लिया जाना चाहिए था, ताकि ऐसे समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके अलावा, नागरिकों का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में इस प्रकार की त्रुटियाँ लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है। इससे चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं। इसलिए, उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्दी से उचित कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसे मुद्दों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस प्रकरण ने क्षेत्र के लोगों में एक नया सवाल खड़ा किया है, कि क्या अनुमानित योजनाएँ और प्रक्रियाएँ इस तरह के महत्वपूर्ण अवसरों पर बेहतर तरीके से लागू की जा रही हैं या नहीं।