पंजाब चीफ सेक्रेटरी का अमृतसर दौरा: मंदिरों में माथा टेक, जिम्मेदारी सेवा समान कहा!

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पंजाब के नए मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने रविवार को अमृतसर में श्री दरबार साहिब और दुर्गियाणा मंदिर में जाकर माथा टेका। यह उनके पद ग्रहण के बाद का एक महत्वपूर्ण दिन था, जिसमें उन्होंने धार्मिक स्थलों का दौरा करते हुए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी और दुर्गियाणा मंदिर कमेटी ने उन्हें सम्मानित किया, जो इस बात का प्रतीक है कि उन्हें राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक भावना का आदर है।

मुख्य सचिव सिन्हा ने अपनी नई जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका यह दौरा उनके लिए एक श्रद्धासुमन है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्होंने कोई नया पद संभाला, तो वह हमेशा गुरुघर का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आते हैं। उनका मानना है कि यह आशीर्वाद उन्हें पंजाब के लोगों की सेवा में पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह अपनी नई भूमिका को सेवा के दृष्टिकोण से देखेंगे और पंजाब के विकास में अपना योगदान देने का प्रयास करेंगे।

इस धार्मिक यात्रा के दौरान अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी, एसडीएम मनकंवल सिंह चहल और डीसीपी हरप्रीत सिंह मंडेर भी मुख्य सचिव के साथ थे। इस समारोह का आयोजन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के अनुसार किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी भागीदारी दिखाई। मुख्य सचिव ने कहा कि उनका उद्देश्य राज्य के लोगों की भलाई और उनकी समस्याओं को हल करना है, जिसके लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें पंजाब जैसे समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे और इस भूमिका में रहते हुए, राज्य में विकास के लिए ठोस कदम उठाने की दिशा में काम करेंगे।

सिन्हा का यह कदम न केवल उनके नए कार्यकाल की शुरुआत है, बल्कि यह पंजाब में प्रशासनिक नीतियों और विकास कार्यों के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईमानदारी और सेवा भाव से काम करने से वे राज्य के नागरिकों के लिए बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इस तरह की आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से उन्होंने यह संदेश भी दिया है कि एक सफल नेतृत्व के लिए काम के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा भी आवश्यक हैं।