अबोहर क्षेत्र के गांव कल्लरखेड़ा में एक व्यक्ति ने अपने गांव के दो अन्य व्यक्तियों पर अपनी जमीन पर कब्जा करने और धमकी देकर तंग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित, जो 40 वर्षीय बिंदर सिंह है, अपने आरोपों से परेशान होकर पानी की टंकी पर चढ़ गया और जीवन समाप्त करने की नीयत से जहरीला पदार्थ पी लिया। इस खतरनाक कदम को उठाते हुए बिंदर ने न केवल अपने परिवार के सदस्यों पर आरोप लगाए बल्कि एक आप नेता का भी नाम लिया है।
गांव के लोगों ने बिंदर की जान बचाने की कोशिश की और उसे रिस्क से टंकी से नीचे उतारकर पास के अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए उसे तुरंत रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि बिंदर ने जैसे ही जहरीला पदार्थ निगला, उसके आसपास के लोगों ने इस स्थिति को महसूस करते हुए तत्काल सहायता की। गाँव में टंकी पर चढ़ने और जहरीला पदार्थ पीने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बिंदर ने अपने बयान में कहा कि उसकी ज़मीन पर दो परिवार के सदस्यों ने कब्जा कर लिया है और वह इससे बहुत परेशान था। इसी तनाव के कारण उसने यह गंभीर कदम उठाया। हालाँकि, बिंदर की तबीयत खराब होने पर उसके परिजन उसे राजस्थान के श्रीगंगानगर के एक अस्पताल में ले गए हैं, जहाँ उसकी स्थिति को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।
पुलिस ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। थाना खुईयां सरवर के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न तो उन्हें केस की कोई जानकारी है और न ही अस्पताल में इस तरह के मामले की रिपोर्ट आई है।
इस घटना ने गांव के लोगों को सकते में डाल दिया है और ग्रामीणों के बीच तनाव उत्पन्न कर दिया है। बिंदर के इस कदम के पीछे के कारणों ने सवाल खड़े किए हैं कि क्या स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था इस प्रकार के विवादों को बेहतर तरीके से संभाल नहीं पा रही है। अब देखना यह होगा कि क्या गांव के अन्य सदस्य इस विषय में आगे आते हैं और क्या पुलिस इस मामले की वास्तविकता का पता लगाने में सफल हो पाती है। यह घटनाएं सामाजिक सुरक्षा और गाँवों में पारिवारिक विवाद के गंभीर परिणामों पर गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर करती हैं।