मोहाली पुलिस ने हाल ही में गैंगस्टर गगनदीप सिंह, जिसे फौजी के नाम से भी जाना जाता है, और उसके सहयोगी महेश शर्मा को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इन दोनों के पास से पुलिस ने चोरी की एक मोटरसाइकिल, दो अवैध पिस्तौले और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी की जानकारी मोहाली के एसएसपी दीपक पारीक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब 14 अक्टूबर 2024 को जीरकपुर के लोहगढ़ में दिव्या ज्वेलर्स की दुकान पर नकाबपोश युवकों ने पिस्तौल की नोक पर लूटपाट की थी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और तकनीकी सहायता एवं खुफिया जानकारी की मदद से गैंगस्टर गगनदीप तथा उसके साथी राहुल वैद की पहचान की। पुलिस ने 20 अक्टूबर की रात गगनदीप और उसके साथी राहुल को गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस ने उनकी कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समस्त घटनाएँ एक संगठित अपराध की ओर इशारा कर रही हैं। एसएसपी ने बताया कि गगनदीप का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामले शामिल हैं।
गिरफ्तारी के लिए जीरकपुर पुलिस और पंचकुला क्राइम ब्रांच द्वारा एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन के दौरान राहुल वैद ने पुलिसकर्मियों पर अपनी कार चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता से उसे पकड़ लिया। राहुल के खिलाफ भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे यह साबित होता है कि अपराधियों के इस समूह का कनेक्शन अन्य अपराधिक गतिविधियों से भी है।
पुलिस ने बताया कि गंगस्टर गगनदीप और राहुल के पकड़े जाने के बाद वे अन्य अपराधों की योजना के संबंध में भी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। यह कार्रवाई वास्तव में पुलिस की तत्परता और समर्पण का परिचायक है, जो एक संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने में सहायक सिद्ध हुई। मोहाली पुलिस की यह सफलता इस बात का संकेत है कि वे शहर के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तत्पर हैं और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तंत्र की दक्षता को उजागर किया है, जो न केवल स्थानीय अपराधों पर नियंत्रण करने में बल्कि सामूहिक सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी और शहर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक कदम आगे बढ़ाएगी।