मोगा में आढ़तियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: केंद्र-पंजाब सरकार पर जोरदार प्रदर्शन

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पंजाब के मोगा में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आयोजन किया गया है, जिसे आढ़ती एसोसिएशन ने बुलाया है। मोगा के आढ़तियों ने एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आढ़तीयों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगें, जिनमें बकाया कमीशन, ईपीएफ और 2.5% कमीशन की मांग शामिल है, को तुरंत पूरा किया जाए। आज की हड़ताल ने पूरे पंजाब में व्यापक असर डाला है।

मोगा की मंडी में बैठे आढ़तियों ने कहा कि उन्हें केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा कमीशन के बारे में जो आश्वासन दिया गया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ है। आढ़ती वर्ग ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उनके ऊपर 50 लाख रुपए की ईपीएफ राशि बकाया है, जिसे तुरंत चुकाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, मोगा में आढ़तियों ने指出 किया कि उस गेहूं की फसल का भी कमीशन बकाया है, जिसे उन्होंने पहले ही भेज दिया था। आढ़तियों की यह स्पष्ट मांग है कि इस बकाया राशि को समय पर जारी किया जाए।

आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी बताया कि उन्हें केंद्र और पंजाब सरकार के द्वारा 2.5% कमीशन का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक उन्हें केवल 1% की दर से कमीशन प्राप्त हो रहा है। उनकी यह चिंता भी जायज़ है कि अगर उनकी ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। आढ़तियों ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी सभी पुरानी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

इस हड़ताल के चलते मोगा की मंडी में व्यापारिक गतिविधियाँ ठप हो गई हैं और आढ़ति वर्ग द्वारा की गई इस कार्रवाई का पूरे पंजाब में असर देखा जा रहा है। आढ़तियों ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल उनकी आर्थिक समस्याओं को दूर करने और उचित कमीशन हासिल करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगे नहीं सुनती है, तो उनके पास इस कार्रवाई को जारी रखने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा।

इस स्थिति में, सरकार के सामने यह चुनौती है कि वह आढ़ति समुदाय की मांगों पर ध्यान दे और एक समाधान निकालें, ताकि स्थिति और बिगड़ने से बच सके। आर्थिक विषमताओं के चलते इस तरह की हड़तालें आम होती जा रही हैं, और अगर सही समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो आगे संभावित संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं।