लुधियाना में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पति के गुस्से के चलते एक पत्नी की जान चली गई। रीना नामक विवाहिता ने अपने पति गगनदीप से शादी में जाने से इनकार कर दिया, जिसके परिणाम स्वरुप गगनदीप ने बेल्ट से मारकर उसे पीट-पीटकर हत्या कर दी। जब रीना के परिवार के लोग उसे अस्पताल ले गए, तो चिकित्सकों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। यह घटना ने परिजनों को बेहद मर्माहत कर दिया, और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को थाना डिवीजन नंबर-7 का घेराव किया।
रीना के भाई राजकुमार ने बताया कि उनकी बहन की शादी लगभग 12 साल पहले ताजपुर रोड के निवासी गगनदीप चोपड़ा से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही शुरुआत में ससुराल वालों ने रीना को परेशान करना शुरू कर दिया था। राजकुमार का आरोप है कि गगनदीप पहले भी कई बार रीना के साथ मारपीट कर चुका था। बीते दिनों, जब गगनदीप ने रीना से एक शादी समारोह में साथ जाने का आग्रह किया, तो उसने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह नवरात्रि के उपवास रख रही है, इसलिए वह समारोह में नहीं जा सकती।
गगनदीप द्वारा रीना के मना करने पर अत्यधिक नाराज हो गया। उसके गुस्से ने एक खौफनाक रूप ले लिया और उसने बेल्ट से रीना पर हमला कर दिया। राजकुमार ने कहा कि उन्हें पड़ोसियों से सूचना मिली थी कि गगनदीप उनकी बहन को बेरहमी से पीट रहा है। जब वे मौके पर पहुंचे, तो उनकी बहन खून में लथपथ पाई गई, जबकि गगनदीप वहां से फरार हो गया था। यह सबै घटना हृदयविदारक थी और परिवार के सदस्यों के लिए दुखदायी साबित हुई।
रीना के परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की अपील की है। उनके भड़के हुए परिजनों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और आरोप लगाया कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू कर दी है और लिखित शिकायत भी दर्ज की है। स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
इस घटना ने न केवल रीना के परिवार को दुखी किया है, बल्कि समाज में घरेलू हिंसा की समस्या को भी उजागर किया है। कई परिवारों में ऐसी समस्याएँ सामने आती हैं, जिनका समाधान तुरंत करना आवश्यक है। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि समाज में व्याप्त ऐसे अपराधों का निराकरण बेहद जरूरी है। केवल उचित कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सभी को मिलकर इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है।