लुधियाना में तैयार हुआ 125 फुट का रावण, देखिए तलवार और आंखों की चिंगारी!

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विजयादशमी का पर्व पंजाब में धूमधाम से मनाया जा रहा है, और इस बार लुधियाना में सबसे बड़ा रावण खड़ा किया गया है, जिसका आकार 125 फीट है। यह रावण का पुतला दरेसी मैदान में तैयार किया गया है, जहाँ आज शाम भगवान राम इसका दहन करेंगे। इस साल लुधियाना में 10 विभिन्न स्थानों पर दशहरे के उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे शहर के हर कोने में इस पर्व की रौनक देखने को मिलेगी। दशहरा महोत्सव को सफलतापूर्वक मनाने के लिए पुलिस द्वारा सुरक्षा के भव्य इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी श्रद्धालु इस पर्व का आनंद सुरक्षित माहौल में ले सकें।

दरेसी मैदान में खड़े इस विशाल रावण के साथ इस बार हबंडा रोड पर गोविंद धाम में 70 फीट और सराभा नगर में नवदुर्गा मंदिर के द्वारा भी 70 फीट का रावण तैयार किया गया है। वहीं, राजगुरू नगर में 50 फीट का रावण, अग्र नगर में 40 फीट का और उपकार नगर में 60 फीट का पुतला रखा गया है। दरेसी मैदान में खड़ा रावण पूरी तरह से ब्लेक और गोल्डन रंग से सजाया गया है, जिसमें रावण की तलवार सबसे बड़ी है। जब इसका दहन होगा, तो रावण की तलवार, बेल्ट, आंखों और मुंह से चिंगारियाँ निकलेंगी, जो इस समारोह को और रोमांचक बनाएगी।

दशहरे के इस महापर्व का आयोजन इस वर्ष विशेष रूप से भव्य किया गया है। पिछले साल दरेसी में 120 फीट का रावण दहन किया गया था, लेकिन इस बार की तैयारी और भी ऊँचाई पर है। मेला प्रबंधकों ने बताया कि रावण का दहन रिमोट के माध्यम से किया जाएगा, जो इस समारोह को और अधिक आकर्षक बनाएगा। पुतले के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी स्थापित किए गए हैं, और इनका वध भी भगवान राम द्वारा दरेसी में किया जाएगा।

इस उत्सव के लिए सभी प्रबंधक पूरी तरह से तैयार हैं और पवित्रता एवं श्रद्धा के साथ विजयादशामी की रस्मों को निभाने के लिए तत्पर हैं। इस पर्व के दिन को यादगार बनाने के लिए आयोजकों ने हर एक विवरण पर ध्यान दिया है। आज शनिवार को, जब भगवान राम रावण का दहन करेंगे, तब पूरे लुधियाना में एक अद्भुत वातावरण होगा, जो श्रद्धालुओं के मन में विजय की भावना का संचार करेगा। यह पर्व न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा देने का कार्य भी करता है।

इस साल का दशहरा समारोह लुधियाना के लिए विशेष महत्व रखता है, और यहाँ के लोग इस पर्व का इंतजार कई दिनों से कर रहे थे। यह अवसर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाता है। सभी को इस पावन पर्व पर भगवान राम का आशीर्वाद मिले और बुराई का अंत हो, इसी कामना के साथ लुधियाना प्रबुद्धतापूर्वक विजयादशमी का पर्व मनाने के लिए तैयार है।