कन्हैया मित्तल ने जलेबी संग दी हरियाणा को कांग्रेस जोड़ने की सौगात!

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हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा की विजय की खुशी का इज़हार मशहूर कलाकार कन्हैया मित्तल ने एक अनोखे अंदाज़ में किया। अपने प्रसिद्ध भजन “जो राम को लाए हैं- हम उनको लाएंगे” से चर्चित मित्तल ने जलेबी खाकर हरियाणा वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन जलेबी खाने का है, और इस ख़ुशी में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह जलेबी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और कई भाजपा नेताओं ने इसे शेयर कर उनकी ख़ुशी में शामिल होने का प्रयास किया।

कन्हैया मित्तल ने हरियाणा चुनाव में भाजपा से टिकट पाने की इच्छा जताई थी, लेकिन जब उन्हें पार्टी की ओर से कोई उम्मीद नहीं मिली, तो वे नाखुश हो गए थे। इसके चलते उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया था। 8 सितंबर को उन्हें भाजपा से निराशा के बाद कांग्रेस ज्वाइन करने की सूचना मिली। लेकिन उनकी इस राजनीतिक मूवमेंट ने हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों के लोगों में असंतोष को जन्म दिया।

जब मित्तल ने कांग्रेस जॉइन किया, तो उनके समर्थक सबसे ज्यादा सोच में पड़ गए। इससे पहले, कन्हैया मित्तल को एक लोकप्रिय कलाकार के रूप में माना जाता था, लेकिन उनके इस कदम ने उन्हें विवादों में डाल दिया। कई हिंदू नेताओं ने भी उनकी इस राजनीतिक गतिविधि की आलोचना की। इस विरोध को देखते हुए, मित्तल ने अपनी की गई घोषणा पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया और तीन दिन बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन करने का निर्णय वापस ले लिया। उन्होंने अपने समर्थकों से माफी मांगते हुए कहा कि वह हिंदू संस्कृति और अपने अनुयायियों का सम्मान करते हैं।

कन्हैया मित्तल का ये सफर दर्शाता है कि राजनीतिक आकांक्षाएं कभी-कभी कलाकारों के लिए जोखिमभरा साबित हो सकती हैं। उनके इस निर्णय ने ना केवल उनके करियर पर बल्कि उनके अनुयायियों पर भी असर डाला। साथ ही, यह स्पष्ट है कि राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के साथ ही व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आती हैं।

अंत में, कन्हैया मित्तल का जलेबी खाने का यह जश्न भाजपा की जीत का प्रतीक तो है, लेकिन उनके राजनीतिक अनुभव ने दूसरों को यह सिखाया है कि अपनी पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि कलाकारों की आवाज़ें और उनके कार्य अक्सर समाज में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।