फाजिल्का की अनाज मंडी में आज मंडी मजदूर यूनियन ने हड़ताल का आयोजन किया है। इस हड़ताल का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है, क्योंकि यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें उनका उचित हक नहीं मिले रहा है। मजदूरों ने अपनी मजदूरी में 25% वृद्धि की मांग की है, और साथ ही यह भी मांग की है कि उनकी मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में डाली जाए।
मंडी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष शेरी ने कहा कि मौजूदा समय में मजदूरों को बहुत कम वेतन दिया जा रहा है, और उनकी लगातार यह मांग रही है कि वेतन में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने बताया कि जब से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तब से उन्होंने मंडी में काम रोककर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। उनका यह प्रदर्शन अनियमित समय तक चलेगा, और जब तक उनकी सुनवाई नहीं होंगी, वह संतुष्ट नहीं होंगे।
शेरी ने महंगाई की स्थिति पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि महंगाई की दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन मजदूरों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की जा रही है। इससे उनके जीवन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आढ़ती के माध्यम से मजदूरी अदा की जा रही है, जो उनकी समझ के विपरीत है। यूनियन के सदस्य इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और सीधे अपने खातों में मजदूरी की मांग कर रहे हैं।
यूनियन के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर इस हड़ताल का फैसला किया है। उनका मानना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। मजदूरों का कहना है कि बिचौलिया सिस्टम को समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का पूरा मुआवजा मिल सके।
इस हड़ताल ने एक बार फिर से ध्यान खींचा है कि किस प्रकार मजदूर वर्ग के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। मजदूरों के लिए न्याय की सुनिश्चितता आवश्यक है, ताकि उन्हें उनके काम का उचित प्रतिफल मिल सके। संघटन ने प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद जताई है और कामकाजी माहौल को सामान्य करने की अपील की है।