कैप्टन अमरिंदर सिंह का खन्ना दौरा: किसानों से सीधी बातचीत, कार्यकाल में राहत का दावा!

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पंजाब की मंडियों में धान की खरीद और लिफ्टिंग में आई धीमी गति के कारण, आज पंजाब के किसान संगठनों ने सड़कें जाम कर दी हैं। किसानों की यह नाराजगी तब सामने आई है जब पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खन्ना जिले में एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी का दौरा करते हुए आढ़तियों और किसानों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने हालिया धान सीजन को लेकर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और किसानों के समस्याओं को सुनने का प्रयास किया।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सरकार चलाने का अनुभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पंजाब के विकास में एक तरह से बाधा डाल रही है और मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार के पास जाकर अपनी समस्याओं का समाधान निकलवाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि आज तक किसी मुख्यमंत्री या उनके मंत्रियों ने मंडियों का दौरा नहीं किया है, जबकि किसानों की समस्याओं को लेकर उनकी गैर-मौजूदगी दर्शाती है कि राज्य की मौजूदा सरकार किसानों की बातों को नजरअंदाज कर रही है।

अमरिंदर सिंह ने अपने पिछले 10 साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके समय में किसानों को कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने कहा कि वे लगातार केंद्र सरकार से फंड प्राप्त करते रहे और किसानों की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। इसके विपरीत, उन्होंने प्रस्तुत स्थिति को संकट के तौर पर स्वीकार किया और कहा कि मौजूदा सरकार न तो प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या कृषि मंत्री के पास जा रही है, जिससे यह सरकार अपने कर्तव्यों में विफल साबित हो रही है।

इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी किसानों और पंजाब के विकास के लिए केंद्र सरकार से आवाज उठाने की जरूरत बताई। उनका मानना है कि अगर राज्य सरकार केंद्र से संवाद करती, तो शायद मुद्दों का समाधान तेजी से हो जाता। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा, तो किसान और इससे जुड़े सभी लोग कठिनाइयों का सामना करते रहेंगे। उनका यह कहना है कि केंद्र से सहयोग प्राप्त करने में विफल रहना सरकार की एक बड़ी असफलता है।

इस सब के बीच किसानों की समस्याएँ सड़कों पर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान और बढ़ सकती हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और मंडियों में धान की खरीद में हो रही देरी से उनकी आर्थिक स्थिति खतरे में पड़ गई है। उधर, अमरिंदर सिंह ने पूर्व की तरह किसानों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।