जालंधर: ग्रैंड बैटरी कारोबारी की पत्नी का निधन, स्टोरेक्स मालिकों से दबाव, आरोपी फरार!

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पंजाब के जालंधर में एक कारोबारी दंपत्ति ने एक трагिक घटना के तहत 3 अक्टूबर को जहर खा लिया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी की हालत गंभीर बनी रही। बैटरी कारोबारी ईश वच्छेर ने इस खतरनाक कदम उठाया और इसके बाद उनकी पत्नी इंदु का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालाँकि, गुरुवार की रात इंदु वच्छेर की भी अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने इस घटनाक्रम की जानकारी पुलिस और परिजनों को दे दी। पुलिस ने इंदु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और इस मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एक केस भी दर्ज किया गया है।

पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें दंपत्ति ने अपने कथित उत्पीड़क, स्टोरेक्स बैटरी के मालिकों के नाम लिए थे। केस दर्ज करने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। यह घटना अब लगभग एक सप्ताह पहले हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। थाना डिवीजन नंबर-8 की पुलिस ने निर्मल सिंह और परमवीर सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। हालांकि, अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हुई है।

सुसाइड नोट में दंपत्ति ने स्पष्ट रूप से बताया कि वे स्टोरेक्स बैटरी के मालिकों द्वारा किए गए उत्पीड़न से अत्यधिक परेशान थे, जिसे वे सहन नहीं कर सके। ईश वच्छेर और उनकी पत्नी ने इस नोट में अपनी पीड़ा को साझा किया, जिससे स्पष्ट होता है कि उन पर मानसिक दबाव डाला गया था। पुलिस ने इस मामले की प्राथमिक जांच के बाद ईश वच्छेर के शव का पोस्टमार्टम किया और कई महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया। बताया जा रहा है कि ईश वच्छेर जालंधर के अमन नगर का निवासी थे और फोकल पॉइंट में बैटरी निर्माण का कारोबार करते थे।

दंपति के बेटे विभोर ने आरोप लगाया है कि उनके माता-पिता को स्टोरेक्स बैटरी के मालिकों से लगभग 90 लाख रुपये की वसूली करनी थी। जब भी उनके पिता पैसे मांगने जाते थे, उन्हें डराया धमकाया जाता था। विभोर के अनुसार, वे लगातार उत्पीड़न की वजह से बहुत परेशान थे, जिससे उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। विभोर ने माता-पिता के द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट भी पुलिस को सौंपा, जिसमें साफ लिखा था कि उन्होंने स्टोरेक्स कंपनी के मालिकों की प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाने का सोचा।

इस घटनाक्रम ने जालंधर में सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या पुलिस आरोपियों को पकड़ पाएगी और इस मामले में न्याय मिलेगा। अब लोगों का ध्यान इस दिशा में है कि क्या पुलिस जल्द ही इस मामले को सुलझा पाएगी और संबंधित आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। इस दुखद घटना ने सामुदायिक संवेग को झकझोर दिया है और हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमें एक-दूसरे का सहयोग और समर्थन कैसे करना चाहिए, विशेषकर जब कोई व्यक्ति संकट में हो।