गुरुग्राम: पहाड़ी गांव की दो बहुओं सहित 8 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

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गुरुग्राम: पहाड़ी गांव की दो बहुओं सहित 8 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

-बहुएं पूजा व कोमल हैं सगी बहनें, एक ही घर में ब्याही हैं दोनों

-नौकरी पाने वाले अभ्यार्थी बोले, बिना पर्ची-बिना खर्ची मिली है नौकरी

गुरुग्राम, 27 अक्टूबर (हि.स.)। बीती 18 अक्टूबर को हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन द्वारा घोषित परिणाम में इस गांव की किस्मत ही खुल गई। इस गांव के 8 अभ्यर्थियों को बिना-पर्ची, बिना खर्ची के क्लर्क व पटवारी की सरकारी नौकरी मिली है।

नौकरी पाने वालों में गांव की दो बहुएं पूजा यादव व कोमल भी हैं। दोनों सगी बहनें हैं। दीवाली पर्व से ठीक पहले नौकरी मिलने पर घर में खुशियां मनाई जा रही हैं। दोनों बहनों का इस भर्ती में क्लर्क के पद पर चयन हुआ है। पूजा यादव कहती हैं कि काफी समय से वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। परीक्षाएं भी दीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। हां, उसे विश्वास था कि एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। इसलिए कभी निराश नहीं हुई। पूजा यादव का कहना है कि सरकार के पारदर्शी सिस्टम पर पूरा भरोसा था। उसी भरोसे से आज उसे सरकारी नौकरी मिल गई है। इसमें उसकी मेहनत और पारदर्शिता दोनों का बराबर योगदान है। उनकी बहन को भी नौकरी मिली है। घर, मायके समेत पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

गांव पहाड़ी के ही प्रीतम यादव का पटवारी के पद पर चयन हुआ है। प्रीतम के मुताबिक, जब भी कोई अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है तो भर्ती सिस्टम को लेकर उसके मन में हमेशा एक उलझन की स्थिति रहती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के युवाओं से पारदर्शिता का जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया है। अब युवाओं के मन में भर्ती सिस्टम को लेकर कोई असमंजस नहीं है। उन्हें विश्वास है कि अगर उन्होंने शत-प्रतिशत मेहनत की है तो परिणाम भी उनके हक में ही होगा। साधारण पृष्टभूमि से चयनित अभ्यर्थियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा सरकार सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास के ध्येय के साथ आगे बढ़ रही है।

लाइब्रेरी ने परीक्षा की तैयारियों में निभाई अहम भूमिका

गांव पहाड़ी में चयनित सभी युवाओं के चयन में गांव के सरकारी स्कूल में सीएसआर फण्ड से स्थापित लाइब्रेरी ने भी अहम भूमिका निभाई है। लाइब्रेरी की स्थापना में आईआईटी दिल्ली से पासआउट गांव पहाड़ी निवासी विनोद यादव का अहम योगदान रहा। उन्होंने ना सिर्फ गांव के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध कराया, बल्कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकंे व इंटरनेट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा देने में भी भूमिका निभाई। इसी लाइब्रेरी से पढक़र गांव के 8 अभ्यार्थियों ने सरकारी नौकरी लेने में कामयाबी हासिल की।