पंचायती चुनावों के आगामी दौर में एक दिलचस्प खबर सामने आई है। फाजिल्का जिले के झोटियांवाली गांव की 23 वर्षीय अमनदीप कौर ने सरपंच बनने के लिए चुनावी मैदान में कदम रखा है। इस युवा महिला ने अपनी शिक्षा को मजबूत करते हुए ईटीटी और टैट जैसी योग्यताएँ हासिल की हैं और उसका मानना है कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमनदीप की सोच है कि वर्तमान में राजनीतिक हालात को देखते हुए, उसे एक स्वच्छ और नीति-संगत राजनीति करने की आवश्यकता है। इसके लिए उसने अपने चुनावी मेनिफेस्टो को भी जारी किया है।
अमनदीप कौर बताती हैं कि उनके पिता को राजनीति का शौक था, और उनके विचारों का प्रभाव उनके अंदर मौजूद है। वह उन विचारों को आगे बढ़ाते हुए सरपंच चुनाव में अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत कर रही हैं। अमनदीप का कहना है कि राजनीति को लेकर उनका दृष्टिकोण नकारात्मक तब हो गया, जब उन्होंने देखा कि युवा वर्ग इसमें हिस्सा नहीं ले रहा है। वह इसे लोगों के मतों की खरीद-फरोख्त और शिक्षा के अभाव के साथ जोड़ती हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनपढ़ लोग राजनीति में बड़े पदों पर बैठे हैं।
इस युवा नेता का विश्वास है कि अगर पढ़े-लिखे युवा राजनीति में भाग लेते हैं, तो राजनीति की सकरात्मकता में सुधार होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गांव के विकास के लिए उनकी प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना है। अमनदीप ने वादा किया है कि जो बातें वह करेंगी, उन पर वह पूरी तरह से खड़ी रहेंगी। उन्होंने गांव की समस्याओं और विकास के लिए एक मेनिफेस्टो तैयार किया है, जिसमें हर महीने गांव की मुद्दों पर बैठकें आयोजित की जाएंगी।
ये बैठकें न सिर्फ स्थानीय मुद्दों को उठाएँगी, बल्कि संबंधित विधायक और सांसद से भी संपर्क कर समाधान खोजेंगी। इसके लिए उन्होंने गांव वालों से सहयोग की अपील की है ताकि मिलकर गांव का विकास किया जा सके। अमनदीप कौर का यह कदम निश्चित रूप से गांव के लोगों में एक नई जागरूकता लाने में सहायक साबित हो सकता है और युवा राजनीति में भागीदारी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।
इस प्रकार, झोटियांवाली गांव की अमनदीप कौर अपने युवा विचारों और सक्रियता के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह अपने सपनों को साकार कर पाएंगी और किस प्रकार का बदलाव उनकी भूमिका से संभव होगा।