फाजिल्का में स्वाथ्य विभाग का चेकिंग अभियान: 12 डेंगू केस, लार्वा मिलने पर कटेंगे चालान!

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फाजिल्का में दीवाली के त्योहार के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष उपाय किए हैं, ताकि डेंगू के फैलने से बचा जा सके। फाजिल्का के सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. रोहित गोयल और डॉ. अर्पित गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने शहर के व्यस्त इलाकों में दुकानों की चेकिंग की। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेंगू का लार्वा किसी भी दुकान पर न पाया जाए। डाक्टरों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पहले से ही डेंगू के प्रति सतर्क है, लेकिन दीवाली के समय बढ़ती हुई भीड़भाड़ को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

आज की चेकिंग में एसएमओ डॉ. रोहित गोयल ने अपनी टीम के साथ चौक घंटाघर, सर्राफा बाजार और गौशाला रोड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों का दौरा किया। उनका कहना है कि उन्होंने स्वयं चेकिंग की प्रक्रिया का नेतृत्व किया है, ताकि किसी भी संभावित लार्वा को मौके पर ही खोजकर नष्ट किया जा सके। जिले में अब तक बगैर किसी घबराहट के करीब 12 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम हैं। लेकिन त्योहारों के चलते स्वास्थ्य को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए, इसलिए चेकिंग का कार्य जारी है।

डॉ. गोयल ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानों से डेंगू का लार्वा बरामद होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, डॉ. अर्पित गुप्ता ने भी स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता की पुष्टि करते हुए बताया कि इन दिनों डेंगू का सीजन चल रहा है। दीवाली का अवसर होने के कारण लोगों को दिक्कत में आने से बचाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतरिक्त, फागिंग कार्य भी करके मच्छरों की वृद्धि को नियंत्रित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि त्यौहार के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बनी रहे। त्यौहार के समय आमतौर पर भीड़ बढ़ जाती है, और इस दौरान डेंगू के मामलों में वृद्धि होने की संभावना रहती है। इसलिए, पहले से तैयारियों का होना आवश्यक है। डॉ. गोयल और डॉ. गुप्ता के नेतृत्व में की गई इस चेकिंग के माध्यम से यह कोशिश की जा रही है कि जनता स्वास्थ्य के प्रति सजग और सुरक्षित रहे।

वास्तव में, त्योहारों का समय आनंद और उत्सव का होता है, लेकिन यह समय स्वास्थ्य के जोखिम को भी लेकर आता है। इसलिए, नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए, स्वच्छता और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। दीवाली का पर्व बेशक खुशियों का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ ही हमें अपने और दूसरों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होगा।