फाजिल्का में दो पंचायत चुनाव रद्द, वोटर सूची की गड़बड़ी से उपचुनाव का ऐलान!

Share

पंजाब में आज पंचायती चुनाव का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन फाजिल्का जिले के गांव लाधुका और अच्चाडिक्की के पंचायती चुनावों को रद्द कर दिया गया है। अदालत के आदेशों के बाद प्रशासन अब अगले कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, गांव लाधुका के लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके परिणामस्वरूप गांव अच्चाडिक्की की पंचायत को नए सिरे से गठित किया गया है। इस नई पंचायत की वार्ड बंदी अभी नहीं की गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में देरी हुई है। इसलिए इन दोनों गांवों में उपचुनाव का आयोजन किया जाएगा।

फाजिल्का के डीडीपीओ गुरदर्शन लाल ने प्रेस को बताया कि अदालत के निर्देशों के कारण लाधुका में अच्चाडिक्की की नई पंचायत बनाई गई है। यह निर्णय तब लिया गया जब ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की थी। अब दोनों गांवों की पंचायतों की वार्ड बंदी की प्रक्रिया चुनाव आचार संहिता के समाप्त होने के बाद की जाएगी, जिसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन पंचायतों का रिजर्वेशन पहले ही किया जा चुका है, जिससे आगे की प्रक्रिया के लिए कोई बाधा नहीं होगी।

राज्य चुनाव आयोग की नीति के अनुसार, उपचुनावों का आयोजन चुने जाने वाले सदस्यों की खाली सीटों के लिए छह महीने के अंदर करना आवश्यक है। इसलिए, अब लाधुका और अच्चाडिक्की की पंचायतों के उपचुनाव भी इसी समयावधि में होंगे। कुल मिलाकर, फाजिल्का जिले में इस समय 435 पंचायतें हैं जिनमें से 31 पंचायतों पर चुनाव सर्वसम्मति से हो चुके हैं, जबकि दो पंचायतों के चुनाव अदालत के आदेश के कारण रद्द कर दिए गए हैं।

इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि पंचायत चुनावों के कारण स्थानीय शासन में कानूनी मुद्दों का भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। गांवों में सामाजिक और राजनीतिक गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को समय पर निर्णय लेने की आवश्यकता है, जिससे कि चुनावी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। जल्द ही उपचुनाव की तैयारियां की जाएंगी, ताकि गांवों में मतदान प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

पंचायती व्यवस्था में चुनावों का सही समय पर आयोजन demokratic प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करता है और स्थानीय लोगों की आवाज को महत्वपूर्ण बनाता है। मतदान की प्रक्रिया के चलते गांवों में विकास और जनसमस्याओं का समाधान भी महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में गांव लाधुका और अच्चाडिक्की के लोगों को अब अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने का नया अवसर मिलेगा, जो निस्संदेह उनके विकास और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण होगा।