राम रहीम की जमानत खत्म: 20 दिन बाद बरनावा डेरा छोड़कर जेल में वापसी!

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम, जो इन दिनों साध्वी यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे हैं, बुधवार को एक बार फिर से रोहतक की सुनारिया जेल लौट आए हैं। उन्हें पिछले महीने 2 अक्टूबर को पैरोल मिली थी, जिसकी अवधि खत्म होने के बाद वह अब जेल वापस जा रहे हैं। राम रहीम ने 20 दिन तक उत्तर प्रदेश के बरनावा स्थित अपने डेरे में समय बिताया। यह पैरोल विधानसभा चुनावों के आगाज के पहले मिली थी, जिससे राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा रही। हरियाणा में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनावों की वोटिंग होने वाली थी, जिसके चलते उनकी पैरोल पर सवाल उठने लगे थे।

राम रहीम की बीते दिनों पैरोल को लेकर समाज में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। पिछले कुछ समय में उनके बाहर आने और राजनीतिक संदर्भों में उनकी मौजूदगी ने कई नेताओं और दलों को असहज कर दिया। हालांकि, सरकार ने उनके पैरोल की अनुमति दी थी, जो 20 दिन तक जारी रही। राम रहीम की पिछली बार की फरलो 21 दिन की थी, जिसका उपयोग उन्होंने पहले से योजना बनाकर किया। इस बार भी उन्होंने अपने डेरे में रहकर धार्मिक गतिविधियों को निभाने का दावा किया।

साध्वी यौन शोषण और अन्य मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद, 27 अगस्त को उनकी गिरफ्तारी हुई और 28 अगस्त को उन्हें 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इससे पहले, 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, 2021 में उन्हें रणजीत सिंह हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा दी गई थी, हालांकि हाल ही में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन्हें उस मामले में बरी कर दिया।

राम रहीम के जेल से बाहर आने के समय राजनीतिक घटनाक्रम और उनके अनुयायियों की सक्रियता ने चर्चा का एक नया दौर पैदा कर दिया है। हालांकि, उनके जेल में लौटने के बाद अब यही देखने की बात होगी कि क्या उनकी यह अनुपस्थिति चुनावी राजनीति पर किसी प्रकार का प्रभाव डालती है या नहीं। इस समूचे मामले ने समाज में कई सवाल खड़े किए हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो राम रहीम के मामलों को लेकर स्थायी रुचि रखते हैं।

बहरहाल, राम रहीम की कानूनी स्थिति और उनकी गतिविधियों पर गणराज्य को नजर बनाए रखनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके, जो समाज और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती प्रस्तुत कर सकती है।