खूंटी के पूजा पंडालों और मंदिरों में दिन भर उमड़ती रही माता रानी के भक्तों की भीड़
खूंटी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन जिला मुख्यालय खूंटी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मंदिरों और पूजा पंडालों में गुरुवार को सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ माता दूर्गा के पूजन और दर्शन के लिए उमड़ती रही। नवरात्र कें आठवें दिन माता महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां भवानी से सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस बार शुक्रवार सुबह 6.53 में संधि-बली होने के कारण गुरुवार देर रात से विभिन्न पंडालों में महाअष्टमी की पूजन अर्चन का दौर शुरू हुआ। इस बीच गुरुवार शाम से रात तक विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित माता रानी के दर्शन एवं पूजा पंडालों के अवलोकन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। यूं तो जिला मुख्यालय खूंटी में कुल 11 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जाती है।
इनमें से कर्रा रोड स्थित चौधरी मंडप, मिश्रा टोली स्थित मिश्रा मंडप और मेन रोड स्थित हरि मंदिर में पारंपरिक पूजन अर्चन की धूम रहती है, जबकि अन्य पंडालों में पूजन अर्चन के साथ ही आधुनिक साज सज्जा विशेष आकर्षण का केंद्र होती है। इस बार भी नेताजी चौक, भगत सिंह चौक, दुर्गा मंदिर मिश्रा टोली, बाजारटांड़ एवं तोरपा रोड में भव्य पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है, जो विशेष आकर्षण के केंद्र हैं। इसके साथ ही पूजा पंडालों के आसपास मुख्य सड़क के किनारे सुंदर एवं मनभावन विद्युत सज्जा की गई है जो श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है। पूजा पंडालों में बज रहे भक्ति गीतों एवं भजनों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा है। त्योहार को लेकर महिला पुरुषों के साथ ही छोटे-छोटे बच्चों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। लोग नए-नए परिधानों में सुसज्जित होकर पंडालों के अवलोकन के लिए निकल रहे हैं।
महाष्टमी को लेकर ऊहापोह की स्थिति
इस बार नवरात्र में दो दिन अष्टमी होने के कारण पूजा को लेकर व्रतियाें में ऊहापोह की स्थिति रही। कुछ जगहों पर महिलाओं ने गुरुवार को ही महाष्टमी की पूजा की, जबकि अधिकतर महिलाएं सप्तमी युक्त अष्टमी होने के कारण शुक्रवार को महा अष्टमी का व्रत करेंगी। पंडितों का कहना है कि सप्तमीयुक्त अष्टमी का व्रत करना शुभ नहीं होता। बताया गया कि महाष्टमी और महानवमी का व्रत शुक्रवार को किया जाएगा और महाष्टमी और महानवमी का पारण होगा।
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