सीएम मान AAP अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार: ‘अब किसी और को मौका मिले’

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रधान के पद से इस्तीफे की इच्छा व्यक्त की है। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ वह वर्तमान में पार्टी का प्रधान पद भी संभाल रहे हैं, जिससे उन्हें पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने होशियारपुर के चब्बेवाल में कहा कि वह चाहते हैं कि पार्टी को एक पूर्णकालिक प्रधान मिले, ताकि अन्य नेता भी अपनी योग्यताओं के अनुसार नेतृत्व का अनुभव बटोर सकें। इस संबंध में उनका सुझाव है कि वह अपने विचार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने पेश करेंगे, और उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है।

सीएम मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीटें जीती थीं। इस उपलब्धि को ध्यान में रखते हुए, मान ने जानकारी दी कि वह मुख्यमंत्री पद के अलावा 13-14 विभागों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। ऐसे में उनका फोकस मुख्य रूप से मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियों पर है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी एक वालंटियर के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। जब उनसे पूछा गया कि वह प्रधान पद के लिए किसे उचित मानते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का अधिकार पार्टी को है।

पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर मान का संकेत यह भी है कि चुनावी रणनीतियों के संदर्भ में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिससे आगामी लोकसभा चुनाव 2024 और पंचायत चुनावों के दृष्टिगत पार्टी को अपनी स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में पार्टी विभिन्न समीकरणों का अध्ययन कर रही है, ताकि चुनावों में सफलता प्राप्त की जा सके।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इस समय पंजाब में गतिविधियों को संचालित करने में सक्रिय हैं। हाल के दिनों में, उन्होंने पंजाब के विधायकों के साथ दिल्ली में कई मीटिंग्स आयोजित की हैं, जिससे वह राज्य के राजनीतिक माहौल का गहराई से मूल्यांकन कर सकें। इस तरह की गतिविधियाँ पार्टी के लिए यह सुनिश्चित करने में सहायक होंगी कि वह आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

भविष्य की रणनीतियों को लेकर अगली चुनावी लड़ाई के लिए तैयारी स्पष्ट दिखाई दे रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधान पद पर बदलाव की संभावनाएँ और संगठनों का सुदृढ़ीकरण पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। देखते हैं कि पार्टी इस दिशा में किस त्वरित कदम उठाती है और मुख्यमंत्री की इस घोषणा का क्या असर राज्य की राजनीति पर पड़ता है।