चंडीगढ़ के गांवों में संचालित 70 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जांच में तेजी आ गई है, जिसके चलते चंडीगढ़ नगर निगम अब अपनी अंतिम रिपोर्ट यूटी प्रशासन को प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। नगर निगम ने इन स्कूलों के खिलाफ बिल्डिंग बायलॉज में उल्लंघन का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों का जवाब देने वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा भेजे गए उत्तरों का गहन अध्ययन किया जा रहा है। नगर निगम ने अधिकांश स्कूलों से उत्तर प्राप्त कर लिए हैं, जिनका विश्लेषण संपत्ति शाखा द्वारा किया जा रहा है। कई स्कूलों ने यह दलील दी है कि वे 2017 से पहले से ही सक्रिय हैं, जब कुछ नियामक अभी लागू नहीं हुए थे।
चंडीगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2024 में एक पत्र जारी करते हुए 79 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जानकारी साझा की थी। इस मुद्दे पर प्रशासन ने नवंबर 2019 के बाद से कई बैठकें आयोजित की हैं, जिनमें अनधिकृत भूमि पर स्थित स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि यदि ये स्कूल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो उन्हें बंद करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही, चंडीगढ़ प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि लगभग 10,000 से 15,000 छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। इन छात्रों को सरकारी स्कूलों में समायोजित करने के लिए उपायों पर विचार किया जा रहा है, ताकि उनकी शिक्षा का स्तर बनाए रखा जा सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, प्रशासन ने विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की है, ताकि सभी छात्रों को उनकी शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो सके।
नगर निगम ने गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को विनियमित करने के लिए विशेष नियमों का मसौदा तैयार किया है। इन नियमों की अधिसूचना का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कौन से स्कूल मानक के अनुसार सही हैं और किन्हें बंद करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। यह कदम न केवल अवैध स्कूलों के खिलाफ है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त शिक्षा मिल सके।
आगे के भविष्य में, शिक्षा का अधिकार सभी छात्रों का है और उन्हें इसके लिए उचित मंच मिलना चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए दिख रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। समय-समय पर की जाने वाली गतिविधियाँ और जांचें यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी छात्र शैक्षिक गुणवत्ता और स्थिरता से वंचित न हो। चंडीगढ़ के हर छात्र को एक सुरक्षित और प्रगतिशील शैक्षणिक माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।