चंडीगढ़ में हवा हुई जहरीली: दिवाली तक AQI 400 छू सकता है!

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जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम नजदीक आ रहा है, चंडीगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। चंडीगढ़ का एक्यूआई हाल ही में 150 के स्तर को पार कर गया है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट का संकेत है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि दिवाली के समय प्रदूषण स्तर में और वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थिति और विकराल हो जाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि ठंडे मौसम में प्रदूषक तत्व हवा की तरह ऊपर उठने के बजाय सतह के करीब रुक जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडे वातावरण में प्रदूषक तत्वों का फैलाव धीमा हो जाता है, जिससे ये असंवेदनशील रूप से लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं और एक्यूआई को और भी बिगाड़ देते हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-25, 22 और 53 में स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार की रात 8 बजे तक एक्यूआई के स्तर क्रमशः 115, 141 और 157 दर्ज किए गए। पिछले कुछ महीनों में, चंडीगढ़ का एक्यूआई 100 से नीचे रह गया था, लेकिन अब इसे बढ़ते हुए देखा जा रहा है।

आने वाले सर्दियों के माहौल में, एक्यूआई के स्तर में और भी वृद्धि की आशंका है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिवाली के समय एक्यूआई 300 से 400 के बीच भी पहुंच सकता है। बढ़ते प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों पर पड़ेगा। चिकित्सकों का कहना है कि अस्थमा और हृदय रोग से प्रभावित मरीजों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

गुरुवार को चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है जबकि अधिकतम थर्मामीटर ने 34.5 डिग्री सेल्सियस का स्तर दर्शाया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा और धूप तेज होगी, लेकिन सुबह और शाम में हल्की ठंड का एहसास होगा। ऐसे में लोग अब हल्के गर्म कपड़ों की तैयारी भी करने लगे हैं।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का आशय हवा में उपस्थित प्रमुख प्रदूषकों के स्तर को मापने से है जिसमें पीएम 2.5, पीएम 10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, ओजोन और कार्बन मोनोऑक्साइड शामिल हैं। AQI का मूल्यांकन 0 से 50 के बीच “अच्छा”, 51 से 100 “संतोषजनक”, 101 से 200 “मध्यम”, 201 से 300 “खराब”, 301 से 400 “बहुत खराब” और 401 से 500 “गंभीर” के रूप में किया जाता है। इस तरह के आंकड़े और जानकारी न केवल नागरिकों को जागरूक करती हैं बल्कि उन्हें स्वस्थ रहने के लिए भी प्रेरित करती हैं।