अमृतसर में बीएसएफ का धमाकेदार दीवाली मेला: भांगड़ा-गिद्दा के रंग में रंगे जवान!

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अमृतसर में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों ने वाघा बॉर्डर पर एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। यह ऑपरेशन रात भर चलता रहा, जिसमें जवानों ने अपनी सुरक्षा के कर्तव्यों को निभाते हुए जिम्मेदारी का पालन किया। जैसे ही सुबह हुई, जवान अपने परिवारों के साथ दीवाली मनाने के लिए निकल पड़े। बीएसएफ की 168वीं बटालियन ने अमृतसर के हैडक्वाटर में एक दीवाली मेला आयोजित किया है, जिसमें सभी अधिकारी और जवान अपने परिवारों के साथ शामिल हुए। इस मेले में पंजाबी भांगड़ा और गिद्दा जैसी परफॉर्मेंस भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

रविवार के दिन बीएसएफ के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक विस्तृत दीवाली मेला और शॉपिंग सेंटर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन डीआईजी बॉर्डर रेंज एसएस चंदेल ने किया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ में सभी जवान एक परिवार की तरह रहते हैं। ऐसे कई परिवार हैं जिनके जवान अभी भी सीमा पर तैनात हैं, इसलिए इस तरह के मेलों का आयोजन किया जाता है ताकि परिवार के सदस्य और बच्चे एक साथ मिलकर दीवाली का त्योहार मना सकें और अपनी आवश्यक खरीदारी भी कर सकें।

डीआईजी एसएस चंदेल ने कहा कि बहुत से जवान रात भर अपनी ड्यूटी समाप्त करके सीधे अपने परिवारों के पास आ रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि जवानों के लिए लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस तनाव से निपटने के लिए बीएसएफ की ओर से ऐसे आयोजन किए जाते हैं। इस तरह के मेलों से न केवल परिवारों की खुशियां बढ़ती हैं, बल्कि यह उन्हें मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है।

इसके साथ ही, डीआईजी ने नशा तस्करी के खिलाफ बीएसएफ के जवानों की मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान अपने कर्तव्यों को निभाते हुए ड्रोन और अन्य अवैध वस्तुओं को पकड़ने में सफल हो रहे हैं। उनकी कोशिश है कि लोग बिना किसी परेशानी के अपने त्योहारों का आनंद लें। इस तरह के आयोजन से न सिर्फ जवानों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है।

इस दीवाली मेला ने एक ओर जहां जवानों और उनके परिवारों को एक साथ लाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर यह दर्शाता है कि बीएसएफ न केवल देश की सुरक्षा में लगी है, बल्कि जवानों और उनके परिवारों की भावनाओं का भी ध्यान रखता है। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि त्यौहारों की खुशी में सुरक्षा बल भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं और समाज के लिए एक प्रेरणा बन सकते हैं।