पंजाब और चंडीगढ़ में तापमान में निरंतर गिरावट का सिलसिला जारी है। रविवार को पंजाब में तापमान 1 डिग्री और चंडीगढ़ में 2.2 डिग्री की कमी देखी गई। हालाँकि, राजधानी चंडीगढ़ समेत पूरे पंजाब का औसत तापमान सामान्य स्तर से 2 डिग्री अधिक है। विभिन्न क्षेत्रों में तापमान में भिन्नता देखी गई, जहाँ बठिंडा में सबसे अधिक 36.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बारिश के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिससे सूखे मौसम और बढ़ते प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल होगा।
रविवार को पंजाब में पराली जलाने के 138 नए मामले सामने आये, जिसमें फिरोजपुर जिले में 32 घटनाएँ सबसे अधिक हैं। इसके बाद संगरूर में 18, फतेहगढ़ साहिब में 17, पटियाला में 14, और तरनतारन में 13 घटनाएँ दर्ज की गईं हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री ने अब तक 476 पराली जलाने की घटनाओं की सूचना दी है, जिसमें अमृतसर राज्य में सबसे अधिक 476 घटनाएँ हैं। इसके बाद तरनतारन में 375, पटियाला में 250, संगरूर में 182, और फिरोजपुर में 208 मामले हैं। पराली जलाने से बढ़ता प्रदूषण पंजाब की आबोहवा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
अमृतसर में रविवार रात 12 बजे तक का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 318 रहा, जिसे ग्रैप-2 के अंतर्गत माना गया। शनिवार और रविवार की रात को अमृतसर का तापमान 440 तक पहुंच गया। चंडीगढ़ की स्थिति भी गंभीर है; वहां सेक्टर 53 में औसत AQI 224 दर्ज किया गया। रविवार से सोमवार की रात AQI 343 तक पहुँच गया। इसी प्रकार, जालंधर में AQI 180, खन्ना में 149, लुधियाना में 166, मंडी गोबिंदगढ़ में 222, और पटियाला में 196 दर्ज किया गया। इसका परिणाम यह है कि चंडीगढ़ समेत पंजाब के अधिकांश शहरों में ग्रैप-2 लागू किया गया है।
तापमान के संदर्भ में, चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान रविवार को 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आज 19 से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मोहाली में रविवार शाम को तापमान 31.8 डिग्री दर्ज किया गया, और आज यह 21 से 34 डिग्री के बीच हो सकता है। अमृतसर में बीते दिन तापमान 31.6 डिग्री रहा, और आज यह 18 से 33 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। जालंधर में भी तापमान 33.7 डिग्री तक पहुँच गया। लुधियाना में शनिवार का तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं पटियाला में 31.7 डिग्री दर्ज किया गया।
इस तरह से, पंजाब और चंडीगढ़ को मौसम के सन्दर्भ में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बढ़ते प्रदूषण और कम होती आर्द्रता के कारण। निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि स्थिति बेहद संवेदनशील है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।