अबोहर: बेटे की मौत का दुख और आर्थिक तंगी, बुजुर्ग ने फांसी लगाकर दी जान!

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अबोहर के कीकरखेड़ा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें 75 वर्षीय बुजुर्ग बंसी लाल ने आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग का शव अल सुबह खेत में एक पेड़ पर लटका हुआ पाया गया। यह घटना इस गांव में एक गहरे दुख और सन्नाटे का कारण बनी है, क्योंकि बंसी लाल अपने बेटे की मौत के गम को भुला नहीं पा रहे थे। उनके बेटे जगदीश की लगभग 9 महीने पहले टीबी के कारण निधन हो गया था, जिसकी वजह से पूरे परिवार पर भारी verantwoordelijkheid आ गई थी।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि जगदीश की मौत के बाद बंसी लाल का जीवन और भी कठिन हो गया। उनके बेटे की तीन बेटियां और एक बेटा था, जिनकी देखभाल अब बंसी लाल को करनी थी। इस स्थिति ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था। उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी, जिससे उनकी चिंताएं और भी बढ़ गई थीं। ऐसे में बंसी लाल रात के करीब 11 बजे खाना खाकर घर से बाहर गए, लेकिन सुबह तक लौटकर नहीं आए, जिससे परिवार वालों में चिंता बढ़ गई।

आज सुबह करीब 5 बजे, गांव के लोगों ने बंसी लाल को खेत में लटकता हुआ देखा और तत्काल इसकी सूचना उनके परिजनों को दी। परिजनों ने तत्काल स्थान पर पहुंचकर उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। यह घटना न केवल इस परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरी त्रासदी बन गई है, जहां बाकी लोग भी बुजुर्ग के दुख और परेशानी को समझते हैं।

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की गहन जांच करने के निर्देश पहले ही दे दिए गए हैं ताकि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक दबाव पर ध्यान देने की आवश्यकता को भी उजागर करती है, खासकर उन बुजुर्गों के लिए जो अपने जीवन के कठिन चरणों से गुजर रहे हैं।

स्थानीय लोग इस घटना के प्रति अत्यंत गहरा दु:ख व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वे ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जा सके। इस दुखद घटना ने सभी को एक बार फिर यह याद दिलाया है कि हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और अपने आस-पास के लोगों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।