अबोहर: मेदांता की स्टाफ नर्स की बठिंडा में मौत, सिर्फ़ 3 दिन पहले घर आई थी।

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अबोहर के पुरानी मार्किट के पास हुए एक सड़क हादसे से चर्चा में आई मेदांता अस्पताल की एक स्टाफ नर्स का बठिंडा में इलाज के दौरान दुःखद निधन हो गया। घटना रविवार को हुई जब 24 वर्षीय पूजा, जो बठिंडा की ईदगाह बस्ती की निवासी थी, अपने परिवार से मिलने के लिए अबोहर आई थी। उसे एक ट्रैफिक जाम के कारण बाइक से गिरने के बाद गंभीर चोटें आईं। मेदांता अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में काम करने वाली पूजा की इस असामयिक मौत ने परिवार और समुदाय में शोक की लहर फैला दी है।

घटना की जानकारी के अनुसार, पूजा जब बस्ती में अपने परिवार के साथ समय बिता रही थी, तो उसने बाजार में खरीददारी के लिए जाने का निर्णय लिया। जैसे ही वह पुरानी मार्किट कमेटी के निकट पहुंची, वहां भीड़-भाड़ और ट्रैफिक के कारण जाम में फंस गई। इसी दौरान, अज्ञात कारणों से पूजा की बाइक गिर गई, जिसके चलते उसे गंभीर चोटें आईं। आस-पास मौजूद लोगों ने उसकी मदद की और उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बठिंडा रेफर किया गया।

बठिंडा में इलाज के दौरान पूजा की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, और उसने देर रात को दम तोड़ दिया। उसके परिजनों पर यह हालत बहुत कठिनाई और दुखदायी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। स्थानीय सिटी वन पुलिस ने मृतका के पिता के बयान पर बीएनएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पूजा के शव को उसके परिवार वालों के हवाले कर दिया गया।

पूजा की इस दुःखद घटना ने उसके परिवार के अलावा उसके करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने पीछे पांच बहनों और दो भाइयों को छोड़ गई है, जो इस समय भावनात्मक संकट में हैं। पूजा के निधन के बाद उसके परिवार में शोक की लहर है और सभी उसके यादों में खोए हुए हैं। इस मामले में समाजसेवी संगठनों तथा स्थानीय निवासियों ने सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि आगे चलकर इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने पूजा की मौत पर शोक व्यक्त किया है और उसके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। स्थानीय लोग इस बात की भी मांग कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा के नियमों को लागू किया जाए ताकि युवा पीढ़ी को ऐसे हादसों से बचाया जा सके। यह घटना समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की एक आवश्यकता बन गई है, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।