बठिंडा पुलिस ने गुजरात से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के तहत नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने 5 साल से फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को पकड़ लिया। ये तीनों आरोपी उन लोगों में शामिल हैं, जिन पर 2 लाख 34 हजार नशीली गोलियां सप्लाई करने का आरोप है। इस मामले की शुरुआत 12 अगस्त 2019 को हुई थी, जब थर्मल थाना पुलिस ने बठिंडा के ट्रांसपोर्ट नगर से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल नामक नशीली गोलियां बरामद की थीं।
जांच के दौरान आरोपियों की पहचान के बाद, बठिंडा पुलिस ने सितंबर 2019 में गुजरात के चार व्यक्तियों के खिलाफ नशा तस्करी का मामला दर्ज किया। पिछले पांच वर्षों में, ये आरोपी पुलिस के पकड़ में नहीं आए और लगातार स्थान बदलते रहे। इस बीच, बठिंडा पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी। अंततः, गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने गुजरात में एक सफल छापेमारी की और आरोपी अरविंद भाई धन्ना भाई पटेल, मुकेश भाई शंकर भाई पटेल और पटेल भारमल भाई को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी बनासकांठा जिला के कराधनी क्षेत्र के निवासी हैं।
बठिंडा पुलिस के एसएचओ इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने बताया कि यह मामला न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित है। पुलिस ने पहले भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन इन तीनों आरोपियों का पकड़ में आना इस मामले में एक बड़ी उपलब्धि है। हालाँकि, एक और अभियुक्त रमेश भाई अभी भी फरार है और पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। एसएचओ ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और उनसे रिमांड हासिल कर आगे की पूछताछ की जाएगी।
यह गिरफ्तारी उम्मीद है कि नशीली दवाओं के तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में मदद करेगी। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से और भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है, जो नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने में सहायक सिद्ध होगी। बठिंडा पुलिस की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि वे किसी भी प्रकार के अपराध विशेषकर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि कानून व्यावस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कितनी गंभीर है और भविष्य में भी वह इस दिशा में कई और कार्रवाई करने का संकल्प ले चुकी है।