डेंगू लारवा ढूंढने पर स्टूडेंट्स को मिलेंगे अंक: पंजाब सरकार की नई योजना

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पंजाब में डेंगू के खिलाफ लड़ाई को तेज रखने के लिए राज्य सरकार ने एक अनोखा उपाय अपनाया है। इस योजना के तहत, स्कूल के छात्र अपने शिक्षकों को अपने पड़ोसी क्षेत्रों में डेंगू के लार्वा की उपस्थिति के बारे में जानकारी देंगे। इस प्रकार की जानकारी देने पर छात्रों को उनके परीक्षा में अंक प्राप्त होंगे, जो उनकी आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होंगे। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि इस योजना का नाम “लार्वा लाओ, नंबर पाओ” रखा गया है। वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र न केवल अपने अध्ययन में आगे बढ़ें बल्कि समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें।

स्वास्थ्य मंत्री ने इसके परिणामस्वरूप प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया का जिक्र किया और बताया कि डेंगू के मरीजों की पहचान के बाद, स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उनके आस-पास के 100 घरों की जांच की जाती है। यह उपाय न केवल बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद करेगा, बल्कि छात्रों को इस कार्य में सक्रिय भागीदारी की भी अनुमति देगा। इससे उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होगा और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि बच्चे अपने घर और पड़ोस के प्रति सतर्क रहें।

इस कार्यक्रम के दौरान, बलबीर सिंह ने 586 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। यह समारोह चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति अपेक्षित थी, लेकिन किसी कारणवश उन्हें शामिल नहीं किया जा सका। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि अब तक सरकार ने 45 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है, और यह सारी भर्ती प्रक्रिया मेरिट के आधार पर की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाया, यह कहते हुए कि उनकी सरकार ने 30 महीने से अधिक समय से सत्ता में रहते हुए, किसी भी भर्ती प्रक्रिया को अदालत में चुनौती नहीं दी गई। इस प्रकार, राज्य सरकार पर युवाओं की भर्ती पर किसी भी कानूनी सवालों का दबाव नहीं बना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए पैसे मांगे, तो उसे तुरंत विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। इसके परिणामस्वरूप, मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा, ताकि युवाओं को एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया का अनुभव मिल सके।

इस योजना और युवाओं के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम न केवल डेंगू जैसी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। यह निश्चित रूप से पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।