तरनतारन के खेमकरण में मंगलवार को पूर्व विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर ने पंचायत चुनावों की तैयारी को लेकर एक चुनावी रैली का आयोजन किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था। पंजाब सरकार द्वारा पंचायती चुनाव की घोषणा के बाद, पूरे राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज़ हो चुकी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी तैयारियों को गति दी है, और खेमकरन क्षेत्र में यह उनकी पहली महत्वपूर्ण रैली थी।
सुखपाल भुल्लर ने भिखीविंड में विशिष्ट कांग्रेसी पंचों, सरपंचों और अन्य नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर सभी सदस्यों को एकजुट करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कांग्रेस हर गांव में अपने उम्मीदवारों को खड़ा करेगी, ताकि पार्टी की ताकत को बढ़ाया जा सके। भुल्लर ने बैठक के दौरान नेताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि चुनाव में पार्टी की एकजुटता और सक्रियता का बहुत महत्व है।
इस अवसर पर, भुल्लर ने यह भी बताया कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए सभी गांवों को अलग-अलग जोनों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए विशेष प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रहे। सुखपाल भुल्लर ने राज्य की मौजूदा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया गया है। उनका कहना था कि अब चुनावों के दौरान कांग्रेस पैनल द्वारा पूर्व में रुकी परियोजनाओं को फिर से शुरू किया जाएगा।
भुल्लर की इस पहल से साफ है कि कांग्रेस पार्टी पंचायत चुनावों को बहुत गंभीरता से ले रही है और अपनी योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए तैयार है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा यह सुझाव दिया गया है कि प्रत्येक गांव में स्थानीय मुद्दों को संबोधित करते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिससे पार्टी की मजबूत स्थिति स्थापित हो सके। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल लोकल लीडरशिप को सशक्त बनाना है, बल्कि भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की कमी के लिए मौजूदा सरकार को भी जवाबदेह ठहराना है।
कुल मिलाकर, तरनतारन में सुखपाल भुल्लर की रैली ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। पार्टी की यह धारणा है कि जनता के पास उनकी उपलब्धियों का स्पष्ट खाका होगा, जिससे एक बार फिर से लोगों का समर्थन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। चुनावी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए, पार्टी स्थानीय स्तर पर अपने विकास कार्यों को फिर से प्राथमिकता देने की योजना बना रही है।