अमृतसर के लोहरका रोड पर एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपने जीवन का अंत पंखे से लटक कर कर लिया। इस युवक का नाम राजन है, जिसकी पत्नी, घरेलू कलह के चलते अपने मायके जा चुकी थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार, राजन इस स्थिति से बहुत परेशान था, जिसके कारण उसने यह वीभत्स कदम उठाया। घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सभी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजन की पत्नी के मायके जाने के बाद से ही दोनों के बीच लगातार झगड़े और मतभिन्नता चल रही थी। लगभग एक माह पहले राजन की पत्नी अपने मायके चली गई थी, जो कि घर में एक कठिन स्थिति पैदा कर रही थी। बीती शाम जब राजन घर पर अकेला था, तभी उसने इस निर्णय को लेने का निर्णय किया। उसकी मां और भाई किसी काम से बाहर गए हुए थे, और अकेलेपन का अहसास करते हुए राजन ने आत्महत्या की। उसकी मां ने इस स्थिति पर अत्यंत दुःख जताया और कहा कि उसका पुत्र बहुत ही दुखदायी तरीके से चला गया।
पुलिस ने बताया कि उन्हें इस मामले की सूचना मिली थी, जिसमें एक युवक द्वारा आत्महत्या करने की बात थी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि राजन की पत्नी के साथ उसके घरेलू विवाद चल रहे थे, जिससे वह बेहद तनाव में था। ऐसे मामलों की जांच गहराई से की जा रही है ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में रोकी जा सकें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राजन की पत्नी को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है, ताकि उसके बयानों के आधार पर पूर्ण जानकारी हासिल की जा सके। इस परिवार में घटित हुई यह घटना न केवल राजन, बल्कि उसके परिवार के सभी सदस्यों के लिए एक गहरा सदमा है। घरेलू कलह के चलते ऐसे दुखद फैसले लेने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल और तनाव प्रबंधन की जानकारी प्रदान करना भी समय की मांग है।
इस तरह के मामलों को रोकने के लिए परिवारों और समाज को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि व्यक्ति आत्महत्या जैसे खातों को न अपनाएँ। राजन की मां के शब्द, “मेरा बच्चा चला गया” इस घटना के दुखद पहलू को दर्शाते हैं, और यह साबित करते हैं कि हमें अपने प्रियजनों के भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। इसलिए, हमें इस मामले से सीख लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है, ताकि ऐसी अमानवीय घटनाएं कभी भी न हो सकें।