सौन्दर्य समाधानः शहनाज़ हुसैन

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सौन्दर्य समाधानः शहनाज़ हुसैन

चेहरे पर फुन्सी होने पर त्वचा के अनुरूप नियमित रूप से क्लीनजिंग की जानी चाहिए। इन्हें आप नाखून आदि से हटाने की कोशिश न करें क्योंकि इससे त्वचा में संक्रमण हो सकता है। नियमित रूप से फेशियल स्क्रब से सफेद फुंसी हटाने में मदद मिलेगी। यदि आपकी त्वचा काफी शुष्क है तो सप्ताह में एक बार स्क्रब कीजिए तथा इसे सफेद फुंसी क्षेत्र तक सीमित रखिए। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो स्क्रब का नियमित प्रयोग कर सकती हैं। याद रखिए, स्क्रब को मुंहासों, चकत्ते, फुंसी आदि स्थानों पर कदापि न लगाएं।

सफेद फुंसी के मामलों में कुछ घरेलू उपाय काफी कारगर होते हैं। मेथी की पत्तियों का पेस्ट बना लीजिए। इसे चेहरे पर एक घंटा तक लगा कर चेहरे को स्वच्छ पानी से धो डालिए। इसके लिए आलू का जूस या आलू को घिसकर भी चेहरे पर लगाया जा सकता है। प्रतिदिन 6-8 गिलास ताजा पानी पीजिए। सुबह उठते पानी के गिलास में नींबू का रस डाल कर खाली पेट पी लीजिए। इसके लिए जौ का पानी पीना भी काफी लाभदायक होता है।

अगर आप दोमुंहे बालों की समस्या से जूझ रही हैं तो दोमुहें बालों को काट कर ही ठीक किया जा सकता है। बालों की ट्रिमिंग के बाद बालों की उचित तथा पर्याप्त देखभाल कीजिए। बालों को नियमित रूप से रबड़ बैंड से मत बांधिए। बालों को हेयर ड्रायर तथा ब्रश से भी दूर रखिए। चौड़ी दन्तेदार कंघी का प्रयोग कीजिए। सप्ताह में दो बार गरम नारियल तेल से बालों की मालिश कीजिए। गर्म पानी में तौलिये को भीगोकर पानी नीचोड़ कर गर्म तौलिये को पगड़ी की तरह अपने सिर से लपेट लीजिए। इसे 5 मिनट तक सिर पर बांधे रखें तथा इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं। इससे सिर तथा खोपड़ी पर तेल को खपाने में मदद मिलती है।

हमेशा हल्के हर्बल शैम्पू का प्रयोग कीजिए। शैम्पू का प्रयोग लगातार कम कीजिए तथा सिर धोने के बाद इसे उचित तरीके से सुखा लीजिए। शैम्पू के बाद थोड़ी मात्रा में क्रीमी कन्डीशनर का बालों में हल्के-हल्के मालिश कीजिए। इन्हें दो मिनट तक लगे रहने दीजिए तथा इसके बाद ताजा शुद्ध पानी से सिर धो डालिए। विकल्प के तौर पर आप हेयर सीरम या ‘‘लीव आन’’ टाइप का कन्डीशनर भी प्रयोग कर सकती हैं। प्रतिदिन एक कटोरी अंकुरित अनाज लीजिए तथा अपने डाक्टर की सलाह से विटामिन तथा मिनरल पोषाहार लीजिए।

अगर चेहरे पर समय से पहले झुरियां पड़ रही हैं तो त्वचा की नियमित देखभाल से झुर्रियों को लम्बे समय तक रोका जा सकता है। अगर चेहरे पर झुर्रियां आनी शुरू हो गई हैं तो त्वचा की पर्याप्त देखभाल तथा त्वचा पर प्रयोग किए जाने वाले उत्पादों पर पर्याप्त ध्यान देने की अत्याधिक आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर अत्यन्त शुष्क त्वचा के मामले में साबुन का प्रयोग बन्द कर देना चाहिए, जिससे त्वचा का अधिक शुष्पकपन तथा संवेदनशीलता रोकी जा सके तथा संवेदनशील त्वचा को पोषित करके पुरानी स्वास्थ्यवर्धक रूप में वापस लाया जा सके। दैनिक दिनचर्या में त्वचा की नमी बनाए रखने तथा भविष्य में नमी की कमी रोकने पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। त्वचा को सूर्य की गर्मी, बनावटी तापमान, एयरकन्डीशनिंग, रासायनिक वायु प्रदूषण तथा बनावटी सौदर्य प्रसाानों से दूर रखा जाना चाहिए। दिन में त्वचा में उपयुक्त सनस्क्रीन तथा मॉस्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए। सौंदर्य प्रसाधनों में उन उत्पादों का प्रयोग कीजिए, जिनमें मॉस्चराइजर मौजूद हो। सायंकाल त्वचा को मॉस्चराइजिंग क्रीम से मालिश के बाद सोने से पहले गीले कॉटन वूल से हटा दीजिए।

अगर आपके होठ हमेशा शुष्क रहते हैं तो लिपस्टिक की बजाय ‘‘लिप गलौस’’ का उपयोग करें। होठों को मुलायम तथा नम रखने के लिए चेहरे को स्वच्छ जल से धोते समय जब होंठ गीले हो, तब आप उन्हें मुलायम तौलिये से पोछिए। इससे मृतक कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलेगी। मिल्क क्रीम में नींबू की कुछ बूंदें मिला कर होठों पर एक घंटा तक लगाइए तथा इसके बाद इसे मुलायम तौलिए से पोछिए। इससे मृतक कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलेगी। मिल्क क्रीम में नींबू की कुछ बूंदें मिला कर होठों पर एक घंटा तक लगाइए तथा इसके बाद इसे मुलायम तौलिए से हटा दीजिए। रात्रि को शुद्ध बादाम तेल होठों पर लगाकर पूरी रात लगा रहने दीजिए। आप सनस्क्रीन सहित होठों के बाम का प्रयोग भी कर सकती हैं। अपने लिपस्टिक के ब्रांड को नियमित रूप से बदलते रहिए, क्योंकि कुछ लिपस्टिक के ब्रांड में परफ्यूम की वजह से होठों में कालापन आ जाता है।

(लेखिका, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ हैं।)

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