आपराधिक मानहानि: ध्रुव राठी के ट्वीट को रीट्वीट करने के मामले में केजरीवाल के खिलाफ सुनवाई टली

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नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा आईटी सेल को लेकर यूटूबर ध्रुव राठी के ट्वीट को रीट्वीट करने पर केजरीवाल के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले पर सुनवाई टाल दी है।

शिकायतकर्ता के वकील की ओर से 11 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा गया था कि केजरीवाल को इसके लिए पब्लिक प्लेटफार्म पर माफी मांगनी चाहिए। इस पर केजरीवाल की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि शिकायत वापस ले ली गई है तो इसका कोई मतलब नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि अगर आप माफीनामा जारी करना चाहते हैं तो कर सकते हैं अन्यथा हमें इस कानूनी पहलू पर विचार करना होगा कि रिट्वीट करना अपराध है या नहीं।

केजरीवाल की तरफ दिए गए माफीनामे पर कोर्ट ने कहा था कि आप अपनी माफी को शिकायकर्ता को दिखाइए और अगर वो इससे सन्तुष्ट है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। इससे पहले 26 फरवरी को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उन्होंने वीडियो रीट्वीट कर गलती की है। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को राहत देते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट को निर्देश दिया था कि जब तक ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है तब तक वो न तो सुनवाई करेगा और न ही केजरीवाल के खिलाफ कोई निरोधात्मक आदेश पारित करेगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 5 फरवरी को कहा था कि किसी के बारे में अपमानजनक सामग्री को रीट्वीट करना मानहानि के बराबर है। अरविंद केजरीवाल के अच्छी-खासी संख्या में फॉलोअर्स हैं और वो वीडियो को रीट्वीट करने के नतीजों को बखूबी समझते हैं। अगर एक राज्य का मुख्यमंत्री किसी ट्वीट को बिना वेरिफाई किये रिट्वीट करता है तो ये मानहानि वाले कंटेट को बढ़ावा देना ही है। हाई कोर्ट ने इस केस में अरविंद केजरीवाल को तलब करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।

याचिका में कहा गया है कि ध्रुव राठी नामक व्यक्ति अपने को इंजीनियर कहता है, जर्मनी में रहता है। वो देश विदेश में यूट्यूब चैनल चलाता है, जिसके 16 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। याचिका में कहा गया है कि 6 मई, 2018 को ध्रुव राठी के यू-ट्यूब चैनल पर पर भाजपा आईटी सेल पार्ट-2 नामक एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें कई झूठी और अपमानजनक बातें कही गई थीं। उसमें कहा गया था कि विकास सांकृत्यायन भाजपा आईटी सेल का सेकंड-इन-कमांड है। उसमें विकास पर आरोप लगाया गया है कि आई सपोर्ट नरेन्द्र मोदी के पेज के जरिये फेक यानि झूठी खबरें प्रसारित की जाती हैं। वीडियो में कहा गया है कि विकास पांडे ने किसी अभिषेक मिश्रा के जरिये महावीर प्रसाद को 50 लाख रुपये रिश्वत की पेशकश की थी।

विकास ने अपनी याचिका में कहा है कि वीडियो में लगाए गए आरोप झूठे हैं और उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। इन आरोपों से समाज में उनकी छवि खराब हुई है। इस वीडियो को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिना उसकी तहकीकात किए उसे रिट्वीट कर दिया। केजरीवाल के देश और विदेश में बड़ी संख्या में फॉलोवर्स हैं। इस मामले में विकास और अभिषेक कुलश्रेष्ठ ने अपने बयान दर्ज कराए थे। विकास ने अपनी याचिका के पक्ष में ट्वीट किए गए वीडियो की पूरी ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट में पेश की थी। उसके आधार पर ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को समन करने का आदेश दिया था।