सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप में मणिपुर और मिजोरम टीमों की यात्रा रही शानदार

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पुणे, 22 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे में 13-23 मार्च तक आयोजित 14वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मणिपुर हॉकी और हॉकी मिजोरम टीमों की यात्रा शानदार रही है। दोनों टीमों ने चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, दोनों टीमें इसके आगे नहीं बढ़ पाईं लेकिन टूर्नामेंट में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस क्षेत्र में हॉकी कौशल के मशाल वाहक के रूप में उभरे हैं।

हॉकी इंडिया की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि मौजूदा चैंपियनशिप में हॉकी मिजोरम और मणिपुर हॉकी की यात्रा न केवल उल्लेखनीय रही है, बल्कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में हॉकी की बढ़ती प्रगति का भी प्रतीक है। दोनों टीमें विपरीत परिस्थितियों और अपेक्षाओं को धता बताते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं। इस जोशीले प्रदर्शन ने क्षेत्र में हॉकी उत्कृष्टता के एक नए युग को बढ़ावा दिया है।

चैंपियनशिप में हॉकी मिजोरम ने हिमाचल (10-0) और राजस्थान (20-2) पर जोरदार जीत दर्ज की। इसके बाद पंजाब के खिलाफ 4-2 की सनसनीखेज जीत हासिल की। हालांकि पिछले साल की कांस्य पदक विजेता झारखंड के खिलाफ 1-2 की करीबी हार के कारण वे सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए।

मिजोरम कोच लाल रोथुआमी ने चैंपियनशिप में टीम के प्रदर्शन पर कहा कि हमें अपनी क्षमताओं पर भरोसा था। राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत नए होने के बावजूद, हमें अपनी टीम की क्षमता पर विश्वास था। हमारे खिलाड़ी प्रत्येक मैच के महत्व को जानते थे, खासकर क्वार्टर-फाइनल में स्थान हासिल करने के लिए। हमने अपनी दृढ़ता और कभी हार न मानने वाले जज्बे से कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि टूर्नामेंट ने हमारी टीम को काफी अनुभव प्रदान किया, जिससे हमें अपनी ताकत और सुधार के क्षेत्रों के बारे में जानकारी मिली। अगली बार हमारा लक्ष्य कम से कम टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाना होगा। इसी तरह मणिपुर हॉकी ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट में एक अमिट छाप छोड़ी। क्वार्टर-फाइनल में महाराष्ट्र के खिलाफ करीबी मुकाबले में 2-1 से हार के बावजूद उनकी यात्रा किसी प्रेरणादायक से कम नहीं थी।

मणिपुर हॉकी कोच नगंगॉम प्रिया चानू ने टीम का यात्रा पर कहा कि इस टूर्नामेंट में हमारी यात्रा अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद रही है। मणिपुर से आने के कारण हमारी शुरुआती उम्मीदें मामूली थीं, फिर भी क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने से हमें अत्यधिक खुशी और गर्व हुआ। हमारे सामने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए यह हमारी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य टूर्नामेंट के अगले संस्करण में खुद को और आगे बढ़ाना है।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर में हॉकी संस्कृति का विकास उल्लेखनीय रहा है। हॉकी इंडिया के जमीनी स्तर के कार्यक्रमों जैसी पहलों की बदौलत, युवा प्रतिभाओं को कम उम्र से ही निखारा जाता है, जिससे आशाजनक करियर का मार्ग प्रशस्त होता है। हॉकी इंडिया के कोचिंग पाठ्यक्रम न केवल मणिपुर में बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में हॉकी के परिदृश्य को आकार देने में सहायक रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों ने हमें युवा प्रतिभाओं को पोषित करने और शीर्ष स्तरों पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए उनके कौशल को निखारने के लिए आवश्यक नवीनतम तकनीकों, रणनीतियों और पद्धतियों से सशक्त बनाया है।