इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम निर्माण कार्य देरी पर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, अगली सुनवाई 10 अप्रैल को

Share

नैनीताल, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कुमायूं के हल्द्वानी में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य तय समय में पूर्ण रूप से नही करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने निर्माण कार्य कर रही संस्था से कार्य पूर्ण होने पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई दस अप्रैल की तिथि नियत की है।

सुनवाई पर निर्माण कार्य कर रही एजेंसी की तरफ से कहा गया कि निर्माण से सम्बन्धित सारा कार्य पूर्ण हो चुका है। अन्य कार्य होना थोड़ा बाकी है। इसलिए उन्हें समय दिया जाये, जिस पर कोर्ट ने सम्पूर्ण कार्य पूर्ण होने पर उनसे रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी अमित खोलिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हल्द्वानी में 200 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट स्टेडियम 15.20 हेक्टेयर फारेस्ट की भूमि पर बनाया गया है, जिसका कार्य अभी तक पूर्ण नही हुआ है। सरकार द्वारा इसे बनाने के लिए बार बार निर्माण एजेंसियों को बदला जा रहा है। अब सरकार ने इस कार्य को पूर्ण करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निर्माण को ठेका दिया है, जबकि इस स्टेडियम में 38 वे नेशनल गेम होने थे। कार्य पूर्ण नही होने के कारण केंद्र सरकार अन्य जगह तलाश रही है।

पूर्व मंत्री अरविंद पांडेय ने भी इस पर सवाल किया है कि इस स्टेडियम में बहुत सी कमियां हैं, जिन्हें पूर्ण करना आवश्यक है। तभी यहां राज्य या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन किया जा सकेगा। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि अभी तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण नही हुआ। जबकि इसकी निर्माण पूर्ण होने की तिथि निकल चुकी है। प्रदेश के खिलाड़ियों को कोचिंग करने के लिए अन्य राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है।

राज्य के हाथ से 38वां खेल महाकुंभ भी निकल गया है और जनता के पैंसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि इसका निर्माण कार्य तय समय सीमा में कराया जाये।