गुरुकुल में चल रहा भारतीय भाषा उत्सव हुआ

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हरिद्वार, 11 दिसंबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में चल रहे भारतीय भाषा उत्सव का आज हो गया। सुप्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रह्मण्य भारती के जन्मदिवस को आज भारतीय भाषा उत्सव के रूप में मनाया गया। भारतीय भाषा, कला और संस्कृति प्रकोष्ठ के तत्वाधान में भाषा उत्सव के अवसर पर विचार गोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन मुख्य परिसर में किया गया।

इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भारतीय भाषाएं एक पुष्पदल के समान हैं, जिसके हृदय में हिन्दी विद्यमान है। उन्होंने कहा कि भाषा अभिव्यक्ति का माध्यम है और भारतीय भाषाओं के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने के गुरुकुल बहुत बड़ी भूमिका निर्वहन कर सकता है।

अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने कहा कि देश की प्रादेशिक भाषाओं का अपना एक मौलिक सौंदर्य है उनमें भावाभिव्यक्ति सहज और सरल है। प्रो. शतांशु ने कहा कि भारतीय भाषाओं के उन्नयन के लिए प्रकोष्ठ के माध्यम से अधिक आयोजन किए जाने चाहिए उन्होंने उपस्थित छात्रों से आह्वान किया कि वे बहु भाषा ज्ञान की दिशा में गंभीरता से अध्ययन करें।

कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा भारतीय भाषा उत्सव के माध्यम से हमें अपनी भाषायी अस्मिता को जानने का अवसर मिलता है और हम भारतीय भाषाओं के दैनिक जीवन में प्रयोग को लेकर अधिक आत्मविश्वासी होनी आवश्यकता है।

भारतीय भाषा, कला और संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. ब्रह्मदेव ने कहा कि भारतीय भाषाओं की शब्द शक्ति प्रभावशाली है और लिपि के रूप में ये अधिक वैज्ञानिक हैं। प्रो. ब्रह्मदेव ने संस्कृति की व्यापक समझ के लिए भाषा को महत्वपूर्ण बताया। संचालन डॉ. हिमांशु पंडित व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजित तोमर ने दिया।

इस अवसर पर प्रो. एल. पी. पुरोहित, प्रो. सत्यदेव निगमालंकार, प्रो अम्बुज कुमार शर्मा, प्रो. मृदुल जोशी, डॉ. दीपा गुप्ता, डॉ. मनीला ,डॉ. बबलू वेदालंकार, डॉ. सुनील कुमार , हेमंत सिंह नेगी, मयंक कुमार, रमेश चन्द्र सहित विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।