11HREG305 दीवाली बाद कानपुर आउटर रिंग रोड़ के भूमिपूजन की तैयारी शुरू
कानपुर,11 अक्टूबर (हि.स.)। केन्द्रीय सड़क,परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कानपुर आउटर रिंग रोड के भूमि पूजन और रामादेवी चौराहे से लेकर मेडिकल कॉलेज चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के डीपीआर पर सहमति दे दी है। यह जानकारी बुधवार को कानपुर नगर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने मंत्री नितिन गड़करी से मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद दी। सांसद पचौरी ने बताया कि 10 अक्टूबर मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस चर्चा में कानपुर आउटर रिंग रोड के भूमि पूजन और रामादेवी चौराहे से लेकर मेडिकल कॉलेज चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के डी.पी.आर. पर सहमति बनी।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 में सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर रामादेवी चौराहे से लेकर मेडिकल चौराहे तक यातायात के बढ़ते दबाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए एलिवेटेड रोड बनाने की मांग की थी। हालांकि, कोरोना महामारी के चलते इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो सकी थी। इसके बाद, सितम्बर 2022 में नितिन गडकरी जब कानपुर आए थे, तब सांसद सत्यदेव पचौरी ने एक बार फिर उनका ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था। उस दौरान केंद्रीय मंत्री ने तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को इस परियोजना को वर्तमान वित्तीय वर्ष में कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, इस परियोजना पर कोई भी प्रभावी कार्यवाही ना होता देखकर सांसद ने दिसम्बर 2022 में एक बार फिर सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और बातचीत के दौरान उन्होनें बताया कि रामादेवी चौराहे से लेकर मेडिकल कॉलेज चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का सर्वे इस माह पूर्ण कर डी.पी.आर. की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी।
इतना ही नहीं, इस मुलाकात में कानपुर आउटर रिंग रोड के भूमि पूजन पर केंद्रीय मंत्री ने दिवाली पर्व के बाद सहमति प्रदान की। उन्होंने जानकारी दी की टेण्डर प्रक्रिया में है, 5 चरणों में से 2 चरणों के कार्य पूर्ण हो चुके है, तथा 3 के कार्य दीपावली में शीघ्र पूर्ण होने पर भूमिपूजन कर निर्माण प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
बता दें कि, कानपुर में 93.2 किमी आउटर रिंग रोड का निर्माण 5 हिस्सों में किया जाएगा। यह निर्माण एक्सप्रेस वे की तरह 6 लेन का होगा, जबकि संरचना 8 लेन की होगी। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, जिसका भूमि पूजन स्वयं मंत्री नितिन गडकरी करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार/ राम बहादुर/बृजनंदन
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भूपेश सरकार देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाली सरकार
Bhupesh govt is providing maximum employment in the country
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भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा के झूठ की श्रृंखला को ही आगे बढ़ाया
रायपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बुधवार को बयान जारी कर भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को छत्तीसगढ़ में रोजगार के विषय पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है। रमन राज में देश में सर्वाधिक बेरोजगारी दर वाला राज्य हुआ करता था। रमन सरकार के दौरान सितंबर 2018 में 22.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर थी।
भूपेश सरकार आने के बाद युवाओं को नौकरी और रोजगार की बेहतर अवसर मिले इसी का परिणाम है कि विगत 1 वर्ष से छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर आधा प्रतिशत से कम है और वर्तमान में छत्तीसगढ़ देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। छत्तीसगढ़ में सत्ता में रहने के दौरान भारतीय जनता पार्टी स्थानीय युवाओं के रोजगार के अधिकार को आउटसोर्सिंग करके बेचते रहे। भूपेश सरकार में एक लाख से अधिक पदों पर सरकारी विभागों में नियमित भर्ती हुई है, 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को पीड़ा हो रही है।
सुशील आनंद ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेता बताएं कि 2014 में भाजपा ने वादा किया था कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने का, नौ साल हो गए कितने रोजगार दिए? केंद्रीय विभागों, निगम, मंडलों, नवरत्न कंपनियों और सार्वजनिक उपक्रमों में लगभग 18 लाख पद रिक्त हैं उन पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है? यूपीएससी को बाईपास करके केंद्रीय सचिवालय में संयुक्त सचिव के पदों पर कार्पोरेट घरानों के कर्मचारियों की सीधी भर्ती करके देश के युवाओं के साथ अन्याय क्यों किया? देश के संसाधन, देश के सार्वजनिक उपक्रम, बैंक, बीमा, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बंदरगाह, नवरत्न कंपनियों को बेचकर देश के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अवसर को बेचने के लिए केंद्र रकार और भाजपाई माफी कब मांगेंगे?
उन्होंने कहा कि पीएससी एक संवैधानिक संस्था और स्वशासी निकाय है, प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के सपनों और उम्मीदों का केंद्र है। भाजपा के नेता केवल चुनावी लाभ के लिए तथ्यहीन आरोप लगाकर पीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।