11HREG328 विहिप का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना : महेन्द्र
हरदोई, 11 सितंबर (हि.स.) । तेज मेमोरियल पब्लिक स्कूल में सोमवार को आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह संयोजक महेन्द्र ने कहा कि विहिप की स्थापना 1964 में भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी। विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा करना, और समाज की सेवा करना है। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विहिप को एक मजबूत, प्रभावी, स्थायी, और लगातार बढ़ते हुए संगठन के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर में हिंदू गतिविधियों में वृद्धि के साथ, एक मजबूत और आत्मविश्वासी हिंदू संगठन धीरे-धीरे आकार ले रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्म-सशक्तिकरण, ग्राम शिक्षा मंदिर आदि के क्षेत्रों में 1,00,000 से अधिक सेवा परियोजनाओं के माध्यम से विहिप हिंदू समाज की जड़ों को मजबूत कर रहा है। हिन्दू समाज की बेटियों को निडर एवं सामर्थ्यवान बनाने के लिए दुर्गावाहिनी, मातृशक्ति तथा बालकों को संस्कारित बनाने के लिए बजरंग दल निरन्तर तत्पर है।हजारों पूर्णकालिक कार्यकर्ता अपना घर परिवार त्यागकर सम्पूर्ण हिन्दू समाज को अपना परिवार मानते हुए समाज की सेवा के लिए निरन्तर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि विहिप हिंदू समाज में व्याप्त अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के निरंतर प्रयासों के माध्यम से, समाज को विमुक्त, और अंतर्निहित हिंदू एकता को पुनर्जाग्रत करने के लिए समाज का कायाकल्प कर रही है।
विहिप अपने मूल मूल्यों, विश्वासों और पवित्र परंपराओं की रक्षा के लिए श्री रामजन्मभूमि, श्री अमरनाथ यात्रा, श्री रामसेतु, श्री गंगा रक्षा, गौ रक्षा, हिंदू मठ-मंदिर मुद्दा, ईसाई चर्च द्वारा हिंदुओं का धर्मांतरण, इस्लामी आतंकवाद, बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठ ,जैसे मुद्दों को उठाकर हिंदू समाज की अदम्य शक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।
विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रान्त सह मंत्री प्रवीण ,विशेष संपर्क प्रमुख सुशील ,रामेश्वर दयाल गुप्ता,राजेन्द्र मिश्रा ,डॉक्टर मुरारीलाल गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही।