15HREG216 17 सितंबर को मनाई जाएगी भगवान विश्वकर्मा जयंती, 50 साल बाद बेहद दुर्लभ संयोग
शुजालपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। हर साल की तरह इस बार भी 17 सितंबर 2023 को देवताओं के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा जयंती पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। भगवान विश्वकर्मा सृजन के देवता माने जाते हैं।
कहा जाता है की संपूर्ण सृष्टि में जो भी चीजें सृजनात्मक हैं, जिनसे जीवन संचालित होता है वह सब भगवान विश्वकर्मा की देन है। इस साल विश्वकर्मा पूजा पर 50 साल बाद बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है।
देवताओं के लिए बनाए अस्त्र-शस्त्र और नगर
हिंदू मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल में देवताओं के महल और अस्त्र-शस्त्र भगवान विश्वकर्मा ने ही बनाए थे इसलिए इन्हें निर्माण का देवता कहा जाता है। शास्त्रों में ऐसा भी कहा गया है कि ब्रह्माजी के निर्देश पर ही विश्वकर्मा जी ने इंद्रपुरी, त्रेता में लंका, द्वापर में द्वारिका एवं हस्तिनापुर, कलयुग में जगन्नाथपुरी आदि का निर्माण किया था। इसके अलावा श्रीहरि भगवान विष्णु के लिए सुदर्शन चक्र, शिव जी का त्रिशूल, पुष्पक विमान, इंद्र का व्रज को भी भगवान विश्वकर्मा ने ही बनाया था।
विश्कर्मा पूजा 2023 मुहूर्त
सुबह का मुहूर्त – 17 सितंबर 2023 को सुबह 07.50 – दोपहर 12.26
दोपहर का मुहूर्त – 17 सितंबर 2023, दोपहर 01.58 – दोपहर 03.30
विश्वकर्मा पूजा 2023 शुभ योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार करीब 50 साल बाद विश्वकर्मा पूजा के दिन कई दुर्लभ योग बना रहा है। इनमें अमृत योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्म योग और द्विपुष्कर योग शामिल हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 06.07 – सुबह 10.02 (17 सितंबर 2023)
द्विपुष्कर योग – सुबह 10.02 – सुबह 11.08 (17 सितंबर 2023)
ब्रह्म योग – 17 सितंबर 2023, प्रात: 04.13 – 18 सितंबर 2023, प्रात: 04.28
अमृत सिद्धि योग – सुबह 06.07 – सुबह 10.02 (17 सितंबर 2023)
17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर शुजालपुर में हर वर्ष अनुसार परंपरागत रूप से विश्वकर्मा पूजन दिवस उत्सव मनाया जाएगा। जिसमें भारी तादाद में समाज जन उपस्थित होंगे। इस दौरान सामाजिक चर्चा एवं आतिथ्य सत्कार श्री विश्वकर्मा मांगलिक परिसर आष्टा रोड शुजालपुर में संपन्न होगा। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सामाजिक लोग भी उपस्थित रहेंगे।
अकोदिया में निकलेगी भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा
17 सितंबर के दिन अकोदिया में भी विश्वकर्मा पूजन दिवस का आयोजन होगा शनि धाम मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें भगवान विश्वकर्मा के वंशज शामिल होंगे इस कार्यक्रम में प्रमुख चौराहा से यात्रा धर्मशाला टप्पा चौराहे पर पहुंचेगी। सामाजिक लोगो के अतिथियों का सम्मान किया जाएगा।