राष्ट्र की समृद्धि के लिए दिख रहा सहकार भारती का समर्पण: गोपाल दास

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09HNAT48 राष्ट्र की समृद्धि के लिए दिख रहा सहकार भारती का समर्पण: गोपाल दास

चित्रकूट, 09 सितम्बर (हि.स.)। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में जो भी संकल्प लिया जाता है, वह सिद्ध होता है। भगवान राम ने भी चित्रकूट में संकल्प लिया, जो सिद्ध हुआ। जिस तरह सनातन की समृद्धि के लिए आदिकाल से ही ऋषि-मुनि समर्पित रहे हैं। ठीक उसी प्रकार राष्ट्र की समृद्धि के लिए सहकार भारती का समर्पण परिलक्षित होता है। यह बातें कामदगिरी पीठाधीश्वर मदन गोपालदास महाराज ने व्यक्त की। वह शनिवार को उद्यमिता पीठ के विवेकानंद सभागार में चल रही सहकार भारती, उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि ईश्वर अंश के रूप में कर्म करते हुए जिस तरह हम सब ईश्वर में समाहित होते हैं। उसी प्रकार राष्ट्र की समृद्धि के लिए संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समर्पित है। सहकार भारती देश की वृद्धि-समृद्धि के लिए सतत कार्य कर रही है। सहकारिता के विषय में हमारे ऋषि मुनियों ने भी मार्गदर्शन किया है। संघर्ष से सफलता मिलती है। संगठन का काम है सभी को जोड़ना, इससे राष्ट्र को समृद्ध किया जा सकता है। सहकार भारती के लोग देश और समाज के लिए चिंतन-मनन कर रहे हैं। धार्मिक नगरी चित्रकूट से यह संदेश जाए कि हमारी सारी गतिविधियां सनातन और राष्ट्र के लिए समर्पित रहें।

बिना संस्कार के सहकार संभव नहीं

सहकार भारती के राष्ट्रीय मंत्री सुनील गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकार भारती के कार्यकर्ताओं में उत्कट उत्साह है। हम कार्यकर्ता राष्ट्र पुनर्निर्माण के लिए और गैर सरकारी संगठन से जुड़े हैं। सहकार भारती देश की वृद्धि-समृद्धि के लिए कार्य करने वाला अनोखा संगठन है। बिना संस्कार के सहकार संभव नहीं है। पीएम मोदी को संस्कार मिले इसलिए वह विश्व में डंका बजाए हैं। सहकारिता मंत्रालय बनने और अमित शाह को जिम्मा दिए जाने से नए रास्ते खुल गए हैं। कार्यकर्ताओं से अपेक्षा है कि वह वृद्धि-समृद्धि के लिए हरसंभव कार्य करें।

उन्होंने बताया कि सरकार भारती का कार्य 28 राज्यों के 600 जिलों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भारती का उद्देश्य है कि बैंकिंग, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, सहकारिता से जुड़े सभी प्रकल्पों और प्रकोष्ठों के माध्यम से देश को समृद्ध बनाना है।

इससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत और महामंत्री डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सहकार भारती के सभी साथी जिस तरीके से संघर्ष करके चित्रकूट पहुंचे हैं, वह बेहद उत्साहजनक है। सहकार भारती के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दीपक चौरसिया ने दूसरे सत्र में प्रकोष्ठों की संरचना एवं उनके क्रियाकलापों की जानकारी ली। प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रमुखों ने 3 महीने में किए गए कार्यों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया।

प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय ने तीसरे सत्र को संबोधित किया। उन्होंने संगठन विस्तार और सहकार भारती से जुड़े लोगों को समृद्ध बनाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई। उन्होंने संगठन की कर प्रणाली एवं कार्यकर्ता निर्माण पर विशेष जोर दिया है।

चौथे सत्र में क्रेडिट सहकारी समितियां की उपयोगिता, प्रकोष्ठ संगठन, संरचना, राष्ट्रीय अधिवेशन में सहभागिता पर प्रशिक्षण प्रमुख जगदीश भट्ट ने मार्गदर्शन किया। मत्स्य प्रकोष्ठ के गठन, संरचना एवं राष्ट्रीय अधिवेशन में सहभागिता की कार्ययोजना पर कैलाशनाथ निषाद ने जानकारी दी। पांचवें सत्र में प्रकोष्ठ संरचना के लिए कार्ययोजना पर एसएचजी का महत्व, गठन प्रक्रिया की जानकारी प्रदेश प्रमुख कोमल गुप्ता ने दी। प्रदेश महिला प्रमुख मीनाक्षी राय ने अपने प्रकोष्ठ की जानकारी दी। छठवें सत्र में एफपीओ का महत्व, गठन प्रक्रिया एवं कार्ययोजना की जानकारी प्रदेश सह प्रमुख मनोज द्विवेदी ने बताई।

कार्यसमिति में विभिन्न जिलों से आए 400 दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नगर पालिका परिषद कर्वी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार गुप्ता, सहकार भारती के प्रदेश संगठन प्रमुख डॉ. अरुण कुमार सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र अवस्थी मौजूद रहे।