13HREG408 जादू भारतीय धरोहर, नहीं मिल रहा सरकार का प्रोत्साहन: जादूगर आनंद
अशोकनगर,13 सितम्बर(हि.स.)। जादू भारतीय सांस्कृतिक धरोहर है पर जादू जैसी कलाओं को भारत में सरकारों का प्रोत्साहन न मिलने से वे विलुप्त होती जा रहीं है, जबकि विदेशों में भारतीय जादू को प्रोत्साहित किया जाता है। यह बात विश्व प्रसिद्ध जादूगर आनंद ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में पत्रकारों से कही।
विश्व प्रसिद्ध जादूगर यहां तीन दशक बाद शुक्रवार से दस दिनों के लिए अपना हैरतअंगेज शो करेंगे। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार के सवाल पर कहा जादुई कला भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, जो हजारों सालों से चली आ रही है। पर भारत में सरकारों का प्रोत्साहन न मिलने के कारण ऐसी कलायें विलुप्त होती जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में उन्हें इतनी प्रसिद्धि मिलने के बाद भी भारत में सरकारों द्वारा पुरुस्कृत नहीं किया गया, इसका मुझे कोई अफसोस नहीं पर विदेशों में अनेकों पुरस्कार प्राप्त किए। उनकी सरकार से मांग रही है कि मध्यप्रदेश में एक मैजिक अकादमी बने, जिससे विलुप्त होती जादू की कला का जीवंत रखा जा सके और नवयुवकों को आसानी से रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें।
7 साल की उम्र से दिखाया जादू, एमबी पुत्र भी जादूगर
जादूगर आनंद ने बताया कि वे जादू की कला में 7 साल की उम्र से आ गए थे, इसके पश्चात उन्हें कई दौरों से गुजरना पड़ा। उनका मानना है कि वे भारत में जादू की जीवंत रखने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र के एमबीए करने के बाद उसे इस जादुई कला में उसे निपुण किया न कि कोई अन्य पेशे में।
अंधविश्वास रोकना ही उद्देश्य
जादूगर आनंद कहते हैं कि जादू की कला से देश में अंधविश्वास को रोकना भी उनका उद्देश्य है। वे कहते हैं कि कुछ गेरूए कपड़े धारण करने वाले जो चमत्कार दिखलाते हैं, वह अंधविश्वास के सिवा कुछ नहीं। उनका मानना है कि इस तरह के चमत्कार कोई भी व्यक्ति अपनी एनर्जी को जाग्रत कर कर सकता है।
जागरूकता लाना जादूगर का काम
जादूगर आनंद कहते हैं कि जादूगर का काम समाज में जागरूकता लाना है, जो वे बाइक पर काली पट्टी बांध कर करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में कोई भी दृष्टिहीन व्यक्ति कभी दुर्घटना में नहीं मरा, जागरूकता न होने से आंखों वालों की ही दुर्घटना में मृत्यु होती है।
जताया अफसोस
दर असल जादूगर आनंद अपने शो से एक दिन पूर्व शहर में काली पट्टी बांधकर नगर भ्रमण कर अपना शो करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि इसके शुभारम्भ के लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि न पुलिस अधीक्षक ने सहमति दी और न उन्हें सडक़ पर इस तरह के शो करने की अनुमति मिली।