छात्रों में शैक्षिक गुणवत्ता के विकास से जागृति होता है राष्ट्र प्रेम: उमेश द्विवेदी

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08HREG396 छात्रों में शैक्षिक गुणवत्ता के विकास से जागृति होता है राष्ट्र प्रेम: उमेश द्विवेदी

कानपुर, 08 सितम्बर (हि.स.)। छात्रों के मध्य नैतिक,राष्ट्रीय एवं शैक्षिक गुणवत्ता के संवंर्धन एवं विकास हेतु यह आयोजन किया जा रहा है जिससे छात्रों में शैक्षिक गुणवत्ता का विकास एवं उनके अन्दर राष्ट्र प्रेम एवं राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना जागृति हो। हमारे देश के महापुरूषों जिन्होंने देश के लिए अपना तन, मन धन सब कुछ समर्पित कर दिया। यह बात शुक्रवार को बी.एन.डी शिक्षा निकेतन बेनाझाबर में आयोजित शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षा में राष्ट्रीय चरित्रों एवं स्वाभिमान निर्माण संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कही।

उन्होंने कहा कि परिवार का मोह त्याग कर रात—दिन राष्ट्र के लिए लगे रहे, उनका जीवन चरित्र हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत है, उनके चरित्र से छात्र शिक्षा लेकर अपने चरित्र का निर्माण कर सकें। परिवार समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपना यथासंभव योगदान देने के लिए तैयार रहें।

इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त कार्यवाह भवानी भीख ने छात्रपति शिवाजी के जीवन का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि शिवाजी को जनता का राजा भी कहा जाता है। वे कुशल शासक , पराक्रमी, राष्ट्र भक्त, दक्ष संगठनकर्ता, निपुण योद्धा, छापामार युद्ध में दक्ष, शत्रुओं को भयाक्रांत करने वाले थे। छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तव में निर्विवाद रूप् से भारत के महान शासकों में से एक थे, उन्होंने अकेले दम पर मुगलों को चुनौती ही नहीं दी बल्कि उन्हें परास्त भी किया। शिवाजी अपने धार्मिक गुरू रामदास एवं माता जीजीबाई से अनुप्राणित थे, जिन्होंने उन्हें मातृभूमि पर गर्व करना, स्वाभिमान पूर्वक सम्मान से जीना सिखाया।

इस मौके पर स्नातक विधायक अरूण पाठक,भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सलिल विश्वनोई,विधायक नीलिमा कटियार, सुरेश अवस्थी ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में जणता राजा महानाटय आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल एवं व्यावस्थापक कानपुर महानगर उत्तर के जिला संयोजक परमानन्द शुक्ला ने शैक्षिक संगोष्ठी की विषय वस्तु रखा।आयोजन समिति की संयोजक सी.ए.नीतू सिंह ने आए हुए अतिथियों को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में कानपुर महानगर के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य राकेश राम त्रिपाठी, डॉ.संताम द्विवेदी, एच.पी.शर्मा, मंजू शुक्ला,अनुपम शुक्ला, केशराज सिंह, नम्रता सिंह, कृष्णकुमार निगम, राजकुमार यादव, वृजेन्द्र सिंह राठौर,विक्रम दुबे, डॉ. गिरीश मिश्रा, अखिलेश शुक्ला, एस.के.मिश्र, अरूणिमा शुक्ला, रवीश दिवेद्वी, सुधीर सिंह,डॉ. अन्वेष सिंह समेत 50 से अधिक पूर्व प्रधानाचार्यों,कार्यरत प्रधानाचार्यो एवं शिक्षक और शिक्षिकाओं को संयोजक वेणुरंजन भदौरिया की ओर से सम्मानित किया गया।