15HREG283 इंदौर में आर्मड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और एमपीआईडीसी की संयुक्त वेंडर डेव्हलपमेन्ट कॉन्क्लेव संपन्न
– ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र के विक्रेताओं ने लिया भाग
इन्दौर, 15 सितंबर (हि.स.)। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को इंदौर में आर्मड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और एमपीआईडीसी द्वारा इन्दौर में संयुक्त रूप से वेंडर डेव्हलपमेन्ट कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में संपन्न इस कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र के विक्रेताओं ने भाग लिया।
इस कॉन्क्लेव में व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के चीफ जनरल मैनेजर संजीव कुमार भोला, फाइनेंस आर्मड व्हीकल्स निगम लिमिटेड के डायरेक्टर सी.रामचन्द्रन्, हैवी व्हीकल फैक्ट्री अवाडी के के. वासु, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेढक के नितिन चौरसिया, एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर, मशीन टूल प्रोटोटाइप फैक्ट्री के संदीप कुमार, इंजन फैक्ट्री अवाडी के प्रसन्नकुमार, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के वेदांत दरबारी, डायरेक्टर ऑफ इण्डीजनाईजेशन के कर्नल अमित अवस्थी, कर्नल मुनीष गोयल, एमआईडीसी के प्रतुल सिन्हा तथा व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के जनरल मैनेजर आशुतोष कुमार उपस्थित थे।
कार्यक्रम में रक्षा क्षेत्र के वाहन निर्माण तथा अन्य उत्पादनों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में वेदांत दरबारी ने व्हीकल फैक्ट्री के उत्पादों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र के वेंडर इन उत्पादों से किस तरह से जुड़ सकते हैं। हेवी व्हीकल फैक्ट्री अवाडी के के.वासू ने रक्षा उत्पादों में सहभागीता बढ़ाये जाने के संबंध में जानकारी दी।
कर्नल अमित अवस्थी ने बताया कि रक्षा उत्पाद के उत्पादन में देश में ही निर्माण किया जाना चाहिए। इस सेक्टर से निजी क्षेत्र के ऑटोमोबाइल के वेंडर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम को नितिन चौरसिया, संदीप कुमार तथा प्रसन्न कुमार ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर ने बताया कि रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। यह कॉन्क्लेव इसी का एक हिस्सा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से रक्षा सेक्टर और निजी क्षेत्र के भागीदारों के बीच सामंजस्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेना के वाहन पहले सैन्य क्षेत्र में ही बनाए जाते थे लेकिन अब निजी क्षेत्र के लिए भी यह सेक्टर खोला जा रहा है। यह आयोजन इस संबंध में मददगार होगा। आयुध फैक्ट्री/इकाईयों से उत्पादनकर्ता रक्षा उत्पादन के क्षेत्र से जुड़े हुए वाहन, बीएमपी टैंक, आर्मड केरियर्स व उनके पुरजे की आवश्यकता की पूर्ति कर सकते हैं। इसी के साथ अन्य नए वाहनों की बनावट व निर्माण भी हो रहे हैं। हम अपने वेन्डर से आव्हान करते है कि नए उत्पादों में भी सहयोग करें।