08HREG365 जबलपुर: कोर्ट ने सीबीआई को दिए जमानत की अर्जी में प्रस्तुत दस्तावेज की जांच के आदेश
जबलपुर, 8 सितंबर (हि.स.)। जस्टिस नंदिता दुबे की कोर्ट में जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के फरार एमडी ज्ञानेन्द्र सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने बताया कि एमडी ज्ञानेन्द्र सिंह काफी बीमार है और सेठ मन्नूलाल ट्रस्ट द्वारा संचालित हास्पिटल में भर्ती हैं। लिहाजा उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए।
कोर्ट में हास्पिटल में भर्ती होने व उपचार से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के फरार एमडी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा एमपी हाईकोर्ट में पुनः लगाए गए जमानत आवेदन पर आज 8 सितंबर को सुनवाई हुई।
सीबीआई की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने दस्तावेजों पर सवाल खड़े करते हुए जमानत का विरोध किया। लंबी बहस के बाद जस्टिस नंदिता दुबे की कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिए कि श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के फरार एमडी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके पूर्व 21 अगस्त को लगाए गए जमानत आवेदन को जस्टिस नंदिता दुबे की कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई को शिकायत मिली थी कि कटनी फोरलेन बायपास निर्माण के दौरान रेलवे लाइन पर बन रहे पुल में श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने रेल और एनएचएआई अधिकारियों के साथ मिलकर लाखो रुपए का फर्जीवाड़ा किया है। जिसके बाद श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय व अन्य स्थानों में 25-26 जुलाई को छापामारी करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में बताए गए मुख्य आरोपी कंपनी का MD ज्ञानेन्द्र सिंह अभी भी फरार है।