10HREG260 मंदसौर: ब्रह्म समागम में आए देश भर से ब्राम्हण जन, ब्राहम्ण बोर्ड के गठन की मांग
मंदसौर, 10 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय परशुराम सेना की प्रदेश इकाई के तत्वावधान में रविवार को शहर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में ब्राह्मण समागम का वृहद आयोजन भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। ब्रह्म समागम में 21 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें मांग पत्र के रूप में शासन तथा व्यवस्थाओं के प्रमुख घटकों तक पहुंचाया जाएगा।
समागम को संबोधित करते हुए स्वामी निर्मल चैतन्यजी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण वैदिक परंपरा के वृक्ष होते हैं वेद पुराण उनकी शाखाएं हैं। गाय और ब्राह्मण को वैदिक परंपरा में सर्वोच्च स्थान दिया गया है हमें अपने अंदर के ब्राह्मणत्व को जागृत करते हुए ब्रह्मकर्म के साथ अपने ब्रह्ममोचित नियमों का पालन करना चाहिए। तभी हमारा प्रभाव संपूर्ण समाज पर पड़ेगा। ब्राह्मण सदैव से पूजनीय रहे हैं।
ब्रह्म समागम के मंच से पं. नितिन राजोरा ने 21 सूत्रीय प्रस्तावों का वाचन किया, जिनमें मुख्य रूप से ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन कर उसका अध्यक्ष ब्राह्मण समाज के ही किसी व्यक्ति को बनाया जाए। समस्त ब्राह्मण व हिंदू धर्माचार्य संत व कथावाचकों के लिए अमर्यादित भाषा के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले व्यक्ति व वर्ग विशेष पर कठोरता से कार्यवाही व सजा का प्रावधान किया जाए। एट्रोसिटी एक्ट के तहत बिना जांच के प्रथम सूचना रिपोर्ट नहीं लिखी जाए और ना ही गिरफ्तारी की जाए। प्रमोशन में आरक्षण बंद किया जाए आदि मांगे रखी गई।
आरंभ में स्वागत उद्बोधन प्रदेश परशुराम सेवा के अध्यक्ष पं. जितेंद्र व्यास ने दिया। पूज्य संतों अतिथियों का स्वागत पं.अरुण शर्मा, तरुण शर्मा, पं.अनिल जोशी आदि ने किया।