भाजपा के चार चेहरे हैं बनावटी, दिखावटी, मिलावटी और सजावटी: कमलनाथ

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16HREG195 भाजपा के चार चेहरे हैं बनावटी, दिखावटी, मिलावटी और सजावटी: कमलनाथ

कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा 19 सितम्बर से शुरू होगी

भोपाल, 16 सितंबर (हि.स.)। मप्र कांग्रेस पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश भर में निकाली जा रही जन आक्रोश यात्राओं का कार्यक्रम आज जारी किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, मप्र चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने आज भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में यात्रा की पूरी जानकारी दी। यह यात्राएं 19 सितंबर से शुरू हो रही हैं और 7 रूटों पर करीब 12000 किलोमीटर का सफर पूरा करेंगी।

कमलनाथ ने कहा प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को अपने 18 साल के मुख्यमंत्री के नाम पर वोट मांगने पर शर्म क्यों आ रही है? 18 साल के इतिहास में भाजपा की पोल खुल चुकी है। बाहर से नेता लाने की आवश्यकता भाजपा को क्यों पड़ रही है? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के चार नए चेहरे हैं बनावटी, दिखावटी, मिलावटी और सजावटी भाजपा, यह इनके असली चेहरे हैं। मेरा और कांग्रेस पार्टी दोनों का मध्य प्रदेश के मतदाताओं पर पूरा विश्वास है। यह चुनाव मध्य प्रदेश के भविष्य का है। मध्य प्रदेश का हर व्यक्ति या तो भ्रष्टाचार का शिकार है या भ्रष्टाचार का गवाह है। शिवराज सरकार में मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का एक सिस्टम बन गया है।

कमलनाथ ने कहा कि भाजपा जो गुमराह करने की ध्यान मोड़ने, दबाने, डराने और छुपाने की राजनीति करती है, उससे जनता को सावधान करें और सही मुद्दों की तरफ जनता का ध्यान आकर्षित करें यही कांग्रेस की 19 सितम्बर से शुरू होने वाली जन आक्रोश यात्रा का उद्देश्य है।

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश एक ग्रामीण प्रदेश है, हमारे प्रदेश की 70 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है। हमारे प्रदेश की इकोनॉमी आर्थिक गतिविधि से चलती है। कांग्रेस ने इस बात को सबसे पहले पहचाना था, 1947 से लेकर 1969 तक कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी था और 1969 से 1977 तक कांग्रेस पार्टी का चुनाव गाय बछड़ा रहा। उसके बाद हमने हाथ का पंजा अपना चुनाव चिन्ह बनाया। दो बैलों की जोड़ी मतलब खेती-किसानी और गाय-बछड़ा मतलब गौमाता, यानि हमारी ग्रामीण भारत की संस्कृति। आज का हमारा जो चुनाव चिन्ह है हाथ का पंजा, यह राष्ट्रीय एकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।