सायबर क्राइम से लोगों को बचाने चलाये व्यापक अभियान : शिवराज

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15HREG165 महिला लिपिकों ने मेहंदी रचा सरकार से मांगा 35,400 वेतनमान का हक

भिवानी, 15 जुलाई (हि.स.)। बढ़ती महंगाई व समय के साथ प्रत्येक सरकारी कर्मचारी का पे-स्केल समय-समय पर बढ़ाया जाता है, ताकि कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा न हो लेकिन हरियाणा प्रदेश के लिपिक पिछले कई वर्ष से 19,900 पे-स्केल पर अटके हुए हैं, जो कि ग्रुप-सी में सबसे निचला पे-स्केल है। इतने कम पे-स्केल में अब कर्मचारियों का गुजर-बसर मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह लिपिकों की 35,400 वेतनमान की मांग को पूरा करे। यह बात काऊज के मीडिया प्रभारी हेमचंद ने क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा (सीएडब्ल्यूएस) के बैनर तले स्थानीय लघु सचिवालय के समीप जारी लिपिकों की अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल के 11वें दिन धरनारत लिपिकों को संबोधित करते हुए कही।

इस दौरान महिला लिपिकों ने हाथों पर मेहंदी रचाकर सरकार से 35,400 वेतनमान का हक मांगा तथा शिवरात्रि का पर्व भी मनाया। इस दौरान धरनारत लिपिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सरकार से उनका वेतनमान 35400 किए जाने की पुरजोर मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती, उनका संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। धरने की अध्यक्षता काऊज के सचिव सुनील कुमार एवं मंच संचालन सुमित, विक्रम, मनीषा, रेखा, सुमन तंवर ने किया। धरने का आयोजन काऊज जिला कोर्डिनेटर विजय वर्मा की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है।

धरने को संबोधित करते हुए काऊज के मीडिया प्रभारी हेमचंद ने कहा कि जब से हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ है, तब से सरकार ने समय-समय पर कई पदों के वेतन को बढ़ाया है। अध्यापक, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, जेई के पदों के लिए वेतन को बढ़ाया गया है लेकिन अभी तक लिपिकों की कार्य समीक्षा नहीं हुई, जिस कारण लिपिकों का शोषण हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय पर इन पदों पर तैनात कर्मचारियों का वेतन लिपिक के पद पर तैनात कर्मचारियों के बराबर होता था लेकिन सातवें वेतन आयोग तक लिपिक के पद का वेतन अन्य पदों की तुलना में अपग्रेड ही नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि लिपिकों का वेतन सातवें वेतन आयोग के अनुसार 35,400 किए जाने की मांग को लेकर वह कई बार सरकार को अवगत करवा चुके हैं। यहां तक कि 18 जून को करनाल में प्रदर्शन कर सरकार को चेताया भी गया था कि यदि 4 जुलाई तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांग नहीं सुनी, जिसके चलते मजबूरीवश लिपिकों को स्वयं अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने गुरुवार को राज्य प्रधान विक्रांत सिंह तंवर व महासचिव कर्ण सिंह मोगा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में उन्हें वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उस वार्ता में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो लिपिक इससे भी बड़ा संघर्ष सरकार के खिलाफ करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ इंदरवेश/सुमन/दधिबल

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सायबर क्राइम से लोगों को बचाने चलाये व्यापक अभियान : शिवराज

CM Chouhan took a special meeting of police officers

15HREG165 सायबर क्राइम से लोगों को बचाने चलाये व्यापक अभियान : शिवराज

– ऑनलाइन ऋण का प्रलोभन देने वाले अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

– मुख्यमंत्री चौहान ने ली पुलिस अफसरों की विशेष बैठक

भोपाल, 15 जुलाई (हि.स.) । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष बैठक बुलाकर राजधानी में ऑनलाइन ऋण प्राप्त करने वाले एक परिवार द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी लेकर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए सायबर अपराधों पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता है। परिवारों को इस तरह बर्बाद होते नहीं देखा जा सकता। तकनीक का उपयोग कर ऐसी घटनाओं को रोका जाये और दोषियों को दंडित करें। लोगों को सायबर क्राइम से बचाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायण चारी मिश्र और अन्य अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक जनजागरूकता की जरूरत है। इसके लिए एक पृथक कार्य-योजना बना कर अमल किया जाए। जनता को ऑनलाइन ऋण उपलब्ध कराने के ऑफर देने वाले लोगों पर नजर रखी जाए। जिस एप के माध्यम से यह अपराध होते हैं, उनका संचालन करने वालों की धर पकड़ की जाए। यदि स्थानीय लोग इनमें शामिल नहीं हैं और देश के अन्य स्थानों या विदेश से ऐसी अवैध गतिविधियों का संचालन हो रहा हो तो उन तक पहुंचने के लिए दल भी भेजे जाएं। लोगों को पैसा दिलवाने का लोभ देकर उन्हें ठगने वाले लोगों के विरूद्ध हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए। पुलिस द्वारा भी इस संबंध में व्यापक अभियान संचालित होना चाहिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऋण के दुष्चक्र में फंसने वाला व्यक्ति विवश होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाए, उसके पूर्व प्राप्त शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही की जाए। जागरूकता अभियान व्यापक स्तर पर चलना चाहिए। विशेषकर विद्यालय और महाविद्यालयों में इस संबंध में व्याख्यान भी होना चाहिए ताकि विद्यार्थी ऑनलाइन ऋण प्रदान करने के प्रलोभन से बचें। इस दौरान अपर मुख्य सचिव गृह डॉराजेश राजौरा, एडीजी आदर्श कटियार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पुलिस अफसरों ने बताया भारत सरकार ने करीब 90 एप पर प्रतिबंध लगाया है। सचेत पोर्टल भी कार्य कर रहा। रिजर्व बैंक द्वारा कई एप अधिकृत नहीं है, जो लोगों को ऋण दिलाने का काम करें। भोपाल में हुई घटना की गंभीरता से विवेचना की जा रही है।

प्रमुख निर्देश

– सायबर क्राइम पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।

– भोपाल में परिवार के सदस्यों द्वारा आत्महत्या की घटना दर्दनाक है। अपराधी शीघ्र पकड़े जाएं।

– ऐसे प्रयास हों कि भोपाल और प्रदेश के अन्य स्थानों के नागरिक इस तरह के दुष्चक्र में न फंसे।

– आमजन को आवश्यक जानकारियाँ देकर जागरूक बनाएँ। परिवारों को संकट से बचाने के लिए सभी प्रयास करें।

– सायबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता अभियान बड़े पैमाने पर चलाएं।