07HRTL1 मीरजापुर में 60792 हेक्टेयर में धान रोपाई का लक्ष्य, खेती में जुटे किसान
– राजकीय बीज भंडारों से किसान खरीद सकते हैं उन्नत बीज
– बीज खरीदने पर किसानों को सरकार दे रही निर्धारित अनुदान
– अन्नदाताओं को बीज अनुदान से मिलेगी राहत, बढ़ेगी आमदनी
– नाटी मंसूरी, सरजू 52, बीपीटी 5204 धान की होगी अच्छी उपज
मीरजापुर, 07 जुलाई (हि.स.)। मानसून के दस्तक देने के साथ अच्छी बारिश होने से किसान खेती में जुट गए हैं। मीरजापुर में 60792 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। कृषि विभाग ने किसानों को बीज मुहैया कराने की तैयारी कर ली है। किसानों को राजकीय बीज भंडारों से धान का बीज मिलेगा।
उप कृषि निदेशक डा. अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि धान की प्रजाति एमटीयू 7029 (नाटी मंसूरी), सरजू 52, बीपीटी 5204, एनडीआर 2065, डीडीआर 47, साभा सब एक, सूट्स एक आदि धान की खेती किसान कर सकते हैं। किसानों को बीज खरीदने पर निर्धारित अनुदान मिलेगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि महीन दाने वाली बीपीटी 5204 धान की फसल 140-150 दिन में पककर तैयार हो जाएगी। इसकी उत्पादन क्षमता 40-45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होगी। एमटीयू 7029 (नाटी मंसूरी) प्रजाति 160-165 दिन में पककर तैयार होगी। इसकी उत्पादन क्षमता 45-65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होगी। इससे किसानों को अच्छी आमदनी होगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसान राजकीय बीज भंडार से ही बीज की खरीद करें। अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। किसान आनलाइन पंजीयन कराते समय आनलाइन पंजीयन नंबर, बैंक पासबुक, आधार और खतौनी अवश्य लगाएं। बीज खरीदने में किसी प्रकार की समस्या होने पर जिला कृषि अधिकारी, एडीओ कृषि से तत्काल संपर्क करें।
क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ वैभव कुमार ने बताया कि जनपद में किसानों के लिए 9341 एमटी डीएपी उपलब्ध है। वर्तमान वर्ष में जिले में 18711 एमटी डीएपी का लक्ष्य है। 86 सहकारी समितियों से उर्वरक किसानों को मुहैया कराया जाएगा।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जिप्सम
राजकीय बीज भंडार पर उर्वरक की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। किसान जिप्सम का प्रयोग भूमि सुधार तथा मृदा में नमी बनाए रखने के लिए करें। किसानों को जिप्सम पर 75 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा।
मीरजापुर व सोनभद्र के लिए मिली 2600 टन उर्वरक की रैक
विंध्याचल मंडल के मीरजापुर व सोनभद्र को 2600 टन उर्वरक की रैक मिली है। ऐसे में किसानों को राहत मिलेगी। सहायक आयुक्त व सहायक निबंध बिपिन सिंह ने बताया कि मीरजापुर को 1300 टन उर्वरक मिला है। इसमें 650 टन एनपीएस और 650 टन डीएपी मिली है। एनपीएस 1200 रुपये और डीएपी 1350 रुपये की दर से किसानों को दिया जा रहा है। जनपद की सभी समितियों पर डीएपी व एनपीएस भेजा जा रहा है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो। किसान समिति पर पहुंचकर उर्वरक ले सकते हैं।