अनूपपुर: चार दिन बाद बांका गांव के ग्रमीणों ने हाथियों को खदेडने में पाई सफलता

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16HREG390 अनूपपुर: चार दिन बाद बांका गांव के ग्रमीणों ने हाथियों को खदेडने में पाई सफलता

हाथियों द्वारा लगातार ग्रामीणों के घरों, खेतों एवं अनाज का किया नुकसान

अनूपपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ से मप्र के अनूपपुर जिले में आये पांच हाथियों का समूह शनिवार की रात वन परीक्षेत्र अनूपपुर के दुधमनिया बीट के बांका जंगल से निकलकर बांका, केकरपानी, दुधमनिया गांव के ग्रामीणों के घरों में एवं बाडियों में नुकसान पहुंचाते हुए रविवार की सुबह पचरीपानी के जंगल में विश्राम कर रहे हैं।

हाथियों द्वारा रात कुछ ग्रामीणों के घरों एवं बाड़ी में लगे फलों एवं घर के अंदर रखे अनाजों को अपना आहार बनाया है इस बीच कई दिनों से हाथियों के आने के कारण परेशान एवं भयभीत ग्रामीणों ने समूह बनाकर पूरी रात ग्राम हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा जिससे रविवार की सुबह ताराडांड बीट के पचरीपानी गांव के जंगल में विश्राम कर रहें है, रविवार की रात हाथियों का दल किस ओर रुख करेगा। अब तक हाथियों ने किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति निर्मित नहीं हुई है जबकि सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों द्वारा खदेड़े जाने पर एक हाथी द्वारा कई बार ग्रामीणों को लौट कर खदेड़ने का प्रयास किया।

पांच हाथियों के समूह ने शनिवार की शाम वन परीक्षेत्र अनूपपुर के दुधमनिया बीट के बांका गांव के जंगल में पूरे दिन विश्राम करने बाद शाम होते ही गांव के धीरज सिंह के घर में हमला करने का प्रयास किया, इस बीच ग्रामीणों ने अपने उपाय से जंगल में खदेड़ दिया जिसके बाद हाथियों का समूह भागवत सिंह और चंद्रवती सिंह के कच्चे मकान को दूसरी बार हमला करते हुए बाड़ी में लगे कटहल को खाने बाद जय सिंह, प्रताप सिंह धुर्वे, जयफुल चौधरी, फागुना सिंह, भरोसा सिंह के मकानों में हमलाकर तोड़-फोड़ करते हुए घर के अंदर एवं बाड़ी में लगे अनाज व फलों, पेडो को खाते हुए समरथ सिंह एवं पुरुषोत्तम सिंह के घर में गौशाला की छानी तोड़ दी। खदेड़े जाने पर देर रात अमर सिंह के फार्म हाउस में स्थित मकान की परछी में आकर अनाज की तलाश करते हुए नहीं मिलने पर पड़ोस में खडे ट्रैक्टर-ट्राली में रखे धान के थरहा को खाया, इस बीच सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों द्वारा तेजी से खदेड़े जाने पर खेतों से गुजरते हुए हाथियों का दल लखनपुर गांव के बांध होते हुए खोलईया के जंगल की ओर चले गये। इस बीच ग्रामीणों द्वारा भगाने का प्रयास करने पर हाथियों ने भी ग्रामीणों खदेड़ने का प्रयास किया, पूरी रात ग्रमीणों एवं हाथियों के मध्य युद्ध की स्थिति निर्मित रही। रविवार की सुबह हाथियों का समूह पहाड़ चढ़कर अकुआ गांव में सुमेर सिंह के खेत के पास डेरा जमाया हैं। इससे खोलईया एवं अकुआ गांव के ग्रामीणों द्वारा दिन मे खदेड़े जाने पर ताराडांड बीट अंतर्गत ग्राम पचरीपानी गाव के जंगल में में डेरा जमाया हैं।

ग्रामीणों के साथ मिलकर वन विभाग के लोग हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर किए जाने का प्रयास किया जिससे हाथियों का समूह बांका, दुधमनिया, केकरपानी, लखनपुर, घोगघराटोला, खोलईया एवं अकुआं आदि गांव के बीच आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं घुस सकें। इस बीच हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे ग्रामीणों जिनके घर कच्चे एवं आबादी से दूर बने हुए रहे हैं के ग्रामीणों को परिवार सहित पक्के मकानों एवं पक्के मकानों की छतों में ठहराया गया।